
Chandauli News: मौनी अमावस्या के महापर्व पर चंदौली के बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। तड़के सुबह से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान करने घाट पर उमड़ पड़े। हर ओर “हर-हर गंगे” के जयघोष गूंजते रहे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन पश्चिम वाहिनी गंगा में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते जनपद के कोने-कोने के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु बलुआ घाट पहुंचे। स्नान के उपरांत भक्तों ने ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को अन्नदान व वस्त्र आदि का दान किया।
गंगा किनारे खेल मैदानों और सड़कों के आसपास पारंपरिक मेले का भी आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-सामग्री, घरेलू वस्तुओं और खान-पान का आनंद लिया। पंडित अशोक मिश्रा ने बताया कि मौनी अमावस्या सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन गंगा स्नान, इष्ट देवी-देवताओं की पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान घाट व मेला क्षेत्र में तैनात रहे। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बलुआ गंगा घाट जाने वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया।
सकलडीहा क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी ने बताया कि मेला और स्नान पर्व को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बलुआ की ओर चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
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