
Varanasi News: धार्मिक नगरी काशी में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति बाबा काशी विश्वनाथ का पारंपरिक तिलकोत्सव मनाया जाएगा। टेढ़ी नीम स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ की पंचबदन प्रतिमा का वैदिक विधि-विधान से तिलकोत्सव किया जाएगा, जिससे काशी के लोकउत्सव “तिलकोत्सव से रंगोत्सव तक” की शुरुआत हो जाएगी। यह उत्सव बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026, शुक्रवार) महाशिवरात्रि तक चलेगा और रंगभरी एकादशी पर गौरा के गौना के साथ समाप्त होगा।
परंपरा के अनुसार, बसंत पंचमी पर तिलकोत्सव के बाद महाशिवरात्रि से दो दिन पहले बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को सगुन की हल्दी लगाई जाएगी। शिवाजंली के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को सायंकाल तिलकोत्सव से पूर्व टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास पर परिवार की वरिष्ठ श्रीमती मोहिनीदेवी के सानिध्य में अंकशास्त्री महंत वाचस्पति तिवारी 11 वैदिक ब्राह्मणों के साथ बाबा की पंचबदन प्रतिमा का विशेष पूजन करेंगे। इसके बाद विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
लग्नानुसार, विश्वनाथ मंदिर में सप्तर्षि आरती से पूर्व काशीवासी वैदिक विधि-विधानपूर्वक बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा पर तिलक लगाएंगे। यह अनुष्ठान बाबा विश्वनाथ के सगुन (विवाह) से जुड़ी प्राचीन लोक परंपरा का हिस्सा है, जो काशी की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखती है।
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