
Varanasi News: उत्तर प्रदेश इंवेस्टर समिट को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े आंकड़ों और दावों से जनता को गुमराह कर रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
संजय सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री कहते हैं कि यूपी में 45 लाख करोड़ रुपये का निवेश लेकर आएंगे और 70 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। लेकिन सवाल यह है कि वो नौकरियां हैं कहां? युवाओं को रोजगार चाहिए, भाषण नहीं। बड़ी-बड़ी बातें करने की बजाय सरकार को जमीन पर काम करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक भाजपा नफरत और धर्म की राजनीति से बाहर नहीं निकलेगी, तब तक प्रदेश का वास्तविक विकास संभव नहीं है। संजय सिंह ने कहा कि विकास का रास्ता सामाजिक सौहार्द और रोजगार से होकर जाता है, न कि धार्मिक ध्रुवीकरण से।
प्रयागराज झड़प पर तीखी प्रतिक्रिया
प्रयागराज संगम में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस प्रशासन के बीच हुई झड़प पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, बटुकों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उनके बाल पकड़कर घसीटा गया- यह बेहद शर्मनाक है। कोई भी सभ्य समाज इसका समर्थन नहीं कर सकता।
उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, भाजपा किसी की सगी नहीं है- न हिंदुओं की, न मुसलमानों की, न ही इस देश की। यह पार्टी सिर्फ अपने धंधे की सगी है।
शंकराचार्य विवाद और सत्ता पर हमला
शंकराचार्य कौन होगा, इस सवाल पर संजय सिंह ने साफ कहा कि इसका फैसला न तो पुलिस प्रशासन कर सकता है और न ही मुख्यमंत्री। उन्होंने कहा, यह निर्णय धार्मिक परंपराओं और शास्त्रीय नियमों के अनुसार होता है, न कि सत्ता के इशारों पर।
उन्होंने प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो सत्ता के साथ खड़ा है, वही आज ‘सतुआ बाबा’ बन गया है। जो गाय और गो-रक्षा की बात करेगा, उसे लाठी मिलेगी- यही आज की सच्चाई है।
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