इतना डर क्यों? I-PAC Case में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, ED को हरी झंडी

Spread the love & Share it

I-PAC Case

I-PAC Case: नई दिल्ली। राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसी को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने I-PAC के अधिकारी जितेंद्र मेहता के जब्त मोबाइल फोन की जांच पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है।

यह मोबाइल फोन 8 जनवरी को दिल्ली में हुई ईडी की छापेमारी के दौरान जब्त किया गया था। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष हुई।

प्राइवेसी की दलील खारिज

जितेंद्र मेहता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी.ए. सुंदरम ने दलील दी कि मोबाइल फोन की जांच उनके मुवक्किल की निजता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि अगली सुनवाई तक ईडी को फोन की जांच से रोका जाए।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “आप इतना डर क्यों रहे हैं?” अदालत ने स्पष्ट किया कि वह निर्दोष व्यक्ति के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना जानती है, लेकिन इस आधार पर जांच पर रोक नहीं लगाई जा सकती। इसके बाद कोर्ट ने ईडी को मोबाइल फोन की जांच से रोकने से इनकार कर दिया।

दिल्ली-कोलकाता में हुई थी ED की रेड

गौरतलब है कि 8 जनवरी को ईडी ने दिल्ली और कोलकाता में I-PAC के कार्यालयों और फर्म के को-फाउंडर प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। दिल्ली स्थित कार्यालय से कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे, जबकि कोलकाता में छापेमारी उस समय बाधित हो गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

ईडी का आरोप है कि कोलकाता में जब्त किए गए कुछ दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों से अपने पास ले लिए गए, जिससे जांच प्रभावित हुई।

CBI जांच की मांग, नोटिस जारी

ईडी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की है। एजेंसी का आरोप है कि राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों ने जांच में जानबूझकर बाधा डाली, जो एक गंभीर संज्ञेय अपराध है।

इससे पहले 15 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। साथ ही राज्य के डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा और डीसीपी प्रियब्रत रॉय के निलंबन की मांग पर भी जवाब मांगा गया है।

फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और मोबाइल फोन की जांच पर रोक से इनकार के बाद ईडी की जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

ALSO READ – वैश्विक तनाव का असर: सोना-चांदी नए ऑलटाइम हाई पर, MCX पर 1.59 लाख के पार पहुंचा भाव


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *