
Sadhvi Prem Baisa Death: राजस्थान की चर्चित कथावाचक और भजन गायिका साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने प्रदेश भर में सनसनी फैला दी है। बुधवार 28 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे उन्हें जोधपुर के पाल गांव स्थित आश्रम से गंभीर हालत में प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आश्रम को सील कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा
साध्वी प्रेम बाईसा मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के परेऊ (पासराउ) गांव की रहने वाली थीं। वह महंत वीरमनाथ की शिष्या थीं और उन्हें पिता के समान मानती थीं। बाल साध्वी के रूप में प्रसिद्ध प्रेम बाईसा जोधपुर, बाड़मेर और आसपास के इलाकों में कथा वाचन और भजन गायन के लिए जानी जाती थीं। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में वह लंबे समय से सक्रिय थीं और बड़ी संख्या में अनुयायी उनसे जुड़े थे।
वायरल वीडियो और ब्लैकमेल विवाद
जुलाई 2025 में साध्वी प्रेम बाईसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें एक व्यक्ति के साथ दिखाया गया। वीडियो को कथित रूप से एडिट कर गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। साध्वी ने स्पष्ट किया था कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति उनके गुरु और पिता तुल्य महंत वीरमनाथ हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को साजिश बताते हुए बोरानाडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, वीडियो वायरल करने से पहले आरोपियों ने 20 लाख रुपये की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। इस विवाद के बाद से साध्वी मानसिक तनाव में थीं और सार्वजनिक रूप से अग्निपरीक्षा की मांग भी कर चुकी थीं।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत
महंत वीरमनाथ के मुताबिक, साध्वी पिछले कुछ दिनों से बुखार और सर्दी-खांसी से पीड़ित थीं। बुधवार को एक कंपाउंडर ने आश्रम में उन्हें इंजेक्शन लगाया। कुछ रिपोर्ट्स में इंजेक्शन को डेक्सोना बताया जा रहा है। इंजेक्शन लगने के पांच मिनट के भीतर उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने संबंधित कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है और इंजेक्शन से जुड़ी सामग्री जब्त की गई है। मामले में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। शुरुआती जांच में मौत को हादसा, आत्महत्या या संदिग्ध परिस्थिति — तीनों एंगल से देखा जा रहा है।
मौत के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा सस्पेंस
मामले को और रहस्यमय बना दिया साध्वी प्रेम बाईसा के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट से आया पोस्ट। उनकी मौत के करीब चार घंटे बाद (रात 9:28 बजे) पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म के लिए जीवन समर्पित करने और न्याय की बात कही।
परिजनों के अनुसार, यह पोस्ट किसी अन्य गुरु ने उनके मोबाइल से साझा किया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पोस्ट पहले से शेड्यूल था, अकाउंट हैक हुआ या किसी अन्य ने पोस्ट किया। इस पोस्ट को संभावित सुसाइड नोट के रूप में भी देखा जा रहा है।
जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में पूरे मामले की जांच जारी है। वहीं, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस प्रकरण में CBI जांच की मांग की है। साध्वी के अनुयायी और परिजन निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक मौत ने धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहरा शोक और कई सवाल छोड़ दिए हैं।
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