
Budget 2026 Expectations: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच रविवार को पेश होने वाले आम बजट 2026-27 में सरकार का प्रमुख फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और घरेलू मांग को मजबूत करने पर रह सकता है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए इन दोनों क्षेत्रों को सबसे प्रभावी हथियार माना जा रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से जहां आयात पर निर्भरता घटेगी, वहीं निर्यात को भी गति मिलने की संभावना बनेगी। हालांकि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए आगामी वित्त वर्ष में निर्यात बढ़ाना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
रविवार को बजट, बनेगा नया इतिहास
यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहला मौका होगा, जब आम बजट रविवार को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे लोकसभा में लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। ऐसा करने वाली वह देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी।
शहरी सुविधाओं, स्वास्थ्य और किसानों पर नजर
बजट में शहरी बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से जुड़े उपायों की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें व्यावसायिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाएं आने की उम्मीद है।
स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्यों को बेहतर राजस्व मॉडल अपनाने की सलाह भी दी जा सकती है।
टैक्स राहत की संभावना कम
वित्त वर्ष 2025-26 में इनकम टैक्स और जीएसटी में राहत के चलते टैक्स राजस्व की वृद्धि दर पहले की तुलना में कम रही है। ऐसे में आगामी बजट में इनकम टैक्स में अतिरिक्त राहत मिलने की संभावना काफी कम मानी जा रही है।
सरकार खाद्य, खाद और मनरेगा मद में करीब 4.50 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी रख सकती है। राजस्व जुटाने के लिए संपत्ति के मौद्रीकरण और विनिवेश पर भी जोर दिया जा सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और नए सेक्टरों पर निवेश
पिछले चार-पांच बजटों की तरह इस बार भी पूंजीगत खर्च में वृद्धि की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और उत्पादन लागत में कमी आती है।
सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों को भी बजट में विशेष महत्व मिल सकता है।
चुनावी राज्यों पर भी नजर
बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन राज्यों के लिए बजट में किसी न किसी प्रकार की सौगात दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
शेयर बाजार रहेगा खुला
केंद्रीय बजट के दिन रविवार को बीएसई और एनएसई में सामान्य ट्रेडिंग होगी। सुबह 9.15 बजे से शाम 3.30 बजे तक शेयरों की खरीद-बिक्री होगी, हालांकि पुराने सौदों का निपटान नहीं किया जाएगा।
यूपी को मिल सकते हैं 4.30 लाख करोड़
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, योजनाओं और अन्य मदों से उत्तर प्रदेश को करीब 4.30 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। यह राशि राज्य के आगामी बजट और विकास योजनाओं की दिशा तय करेगी। 2027 में विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के लिए विशेष घोषणाएं होने की भी संभावना जताई जा रही है।
ALSO READ – सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री, राजनीति में रचा इतिहास