
Varanasi News: वाराणसी कालोनाइजर हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुख्यात गैंगस्टर बनारसी यादव STF एनकाउंटर में मारा गया है। एसटीएफ की इस कार्रवाई को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है, क्योंकि बनारसी यादव इस सनसनीखेज मर्डर केस का अहम शूटर और गैंग लीडर था। उसके खिलाफ 21 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह गैंग नंबर आठ का सरगना था।
यह मामला 21 अगस्त को सामने आया था, जब सारनाथ थाना क्षेत्र के आरहंत नगर कॉलोनी, सिंहपुर में कालोनाइजर महेंद्र गौतम की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे, जिससे पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह हत्या जमीन विवाद और 1.22 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ी थी। हत्या की साजिश मुंबई में रची गई थी। कालोनाइजर जोगेंद्र यादव ने कर्ज से बचने के लिए महेंद्र गौतम की हत्या की सुपारी दी और खुद मुंबई चला गया था।
जांच के दौरान सामने आया कि गैंगस्टर बनारसी यादव ने असम में तैनात सेना के जवान अरविंद यादव को रेकी के लिए वाराणसी भेजा था। हत्या वाले दिन महेंद्र गौतम को जमीन दिखाने के बहाने उनके परिचित संपूर्णानंद ने बुलाया। जैसे ही महेंद्र घर से निकले, मुंबई से बैठे जोगेंद्र यादव के निर्देश पर हमला कर दिया गया।
बाइक चला रहा बदमाश गाजीपुर निवासी विशाल था, जबकि पीछे बैठे बनारसी यादव और अरविंद यादव ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। महेंद्र गौतम की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के आठ दिन बाद पुलिस ने केस का खुलासा करते हुए एआई तकनीक से बदमाशों के स्केच तैयार किए थे। इसके बावजूद आरोपी इतने शातिर थे कि पुलिस को उनकी गिरफ्तारी में पांच महीने से ज्यादा का वक्त लग गया।
बीते 3 जनवरी को पुलिस ने असम में तैनात सेना के जवान अरविंद यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद STF ने फरार चल रहे कुख्यात गैंगस्टर बनारसी यादव को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
हालांकि इस हत्याकांड में शामिल 25-25 हजार के इनामी विशाल और चंदन अब भी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
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