
Chandauli News: मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में चाइनीज मांझे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। वाराणसी-चंदौली बॉर्डर पर स्थित राजघाट पुल के पास चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक लैब टेक्नीशियन का चेहरा गंभीर रूप से कट गया। हादसे में युवक का माथा, नाक, आंख का ऊपरी हिस्सा और हाथ की उंगली घायल हो गई, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा और खून से लथपथ हो गया।
घायल युवक की पहचान साहूपुरी फत्तेपुर निवासी महेंद्र पाल के रूप में हुई है। वह सकलडीहा क्षेत्र के नोनार स्थित तुलसी आश्रम स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। गुरुवार शाम महेंद्र पाल वाराणसी स्थित प्रसिद्ध चंदन शहीद मजार पर दर्शन करने गए थे। लौटते समय शाम ढल जाने और अंधेरा होने के कारण सड़क पर फैला चाइनीज मांझा उन्हें दिखाई नहीं दिया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही महेंद्र राजघाट पुल के पास नामों घाट की ओर बढ़े, तभी डिवाइडर में फंसा चाइनीज मांझा उनके सिर और चेहरे में उलझ गया। तेज धार वाले मांझे से उनका माथा, आंख का ऊपरी हिस्सा और नाक बुरी तरह कट गई। मांझा हटाने के प्रयास में हाथ की एक उंगली भी जख्मी हो गई। अचानक हुए इस हादसे में वह संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़े।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए घायल को मढ़िया स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री राजकीय अस्पताल, रामनगर रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने घायल के चेहरे का ऑपरेशन कर 16 टांके लगाए, जिसके बाद खून का बहाव नियंत्रित हो सका।
डॉक्टरों के अनुसार, चाइनीज मांझे से लगे घाव काफी गहरे थे और चेहरे पर करीब ढाई इंच लंबा कट लगा है। फिलहाल घायल की हालत स्थिर बताई जा रही है और इलाज जारी है। महेंद्र पाल ने बताया कि मजार से लौटने में देर हो गई थी और अंधेरे की वजह से सड़क पर फैला मांझा नजर नहीं आया, जिससे यह हादसा हो गया।
इस घटना के बाद एक बार फिर चाइनीज मांझे के खुले इस्तेमाल पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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