
Chandauli News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गोवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी और वांछित अभियुक्त खलील को रविवार को दिल्ली–कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तारी थाना सैयदराजा क्षेत्र के मिशलपुर स्थित डीग्धी गांव मोड़ के पास रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे की गई। खलील थाना सैयदराजा में दर्ज मुकदमा संख्या 38/2023 में वांछित था। उसके खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट तथा धारा 82/83 सीआरपीसी की कार्रवाई हो चुकी थी।
कई राज्यों में फैला था तस्करी गिरोह
एएसपी एसटीएफ लखनऊ लाल प्रताप सिंह ने बताया कि खलील एक संगठित गिरोह का सरगना है, जो उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार से गोवंशीय पशुओं की तस्करी कर असम और पश्चिम बंगाल भेजता था। उसका नेटवर्क गाजियाबाद, हरदोई, कुशीनगर सहित कई जिलों तक फैला हुआ था।
मार्च 2023 में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद खलील लगातार ठिकाने बदलता रहा और बिहार, हरियाणा, मुंबई, दिल्ली व अहमदाबाद में छिपकर रह रहा था। सटीक इनपुट मिलने पर एसटीएफ टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया।
वाराणसी जोन में पशु तस्करों पर बड़ी कार्रवाई
वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया ने बताया कि यूपी–बिहार बॉर्डर पर स्थित चंदौली पशु तस्करी का प्रमुख मार्ग है, जहां पुलिस ने सबसे कड़ी कार्रवाई की है। अकेले चंदौली में 162 प्राथमिकी दर्ज कर 250 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पूरे वाराणसी जोन के 9 जिलों में 431 प्राथमिकी दर्ज कर 1090 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस दौरान 3434 पशुओं की बरामदगी, 398 वाहनों की जब्ती, और 2.60 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
पशु तस्करी से जुड़े 96 गिरोहों को चिह्नित कर पंजीकृत किया गया है। 120 आरोपियों पर गुंडा एक्ट, 355 मामलों में गैंगस्टर एक्ट, और 123 हिस्ट्रीशीट खोली गई हैं। पुलिस अब गिरोहों के वित्तीय लेन-देन और संरक्षकों पर भी शिकंजा कस रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त खलील को थाना सैयदराजा में दाखिल कर दिया गया है, जहां आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
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