
UP Budget Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया, लेकिन विपक्ष ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने राज्यपाल के अभिभाषण को परंपरागत और औपचारिक करार देते हुए असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि भाषण में विकास और सर्वसमाज के उत्थान की बात तो की गई, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर अपेक्षित स्पष्टता नहीं दिखी।
मायावती ने आरोप लगाया कि प्रदेश में करोड़ों लोग सरकार की नीतियों से परेशान हैं और जनता अपने जान-माल व धार्मिक सुरक्षा को लेकर आशंकित है। ऐसे अहम विषयों पर अभिभाषण में सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण सामने आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि भाषण परंपरा से हटकर अधिक यथार्थवादी और जनहित पर केंद्रित होता, तो जनता में भरोसा बढ़ता।
इस दौरान विधानसभा में विपक्षी दलों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की और सदन में हंगामा किया। “गवर्नर गो बैक” जैसे नारे लगाए गए, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई। राज्यपाल ने विरोध कर रहे सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि अधिक शोर से उनकी आवाजें बैठ सकती हैं।
विपक्ष का कहना है कि अभिभाषण में सरकार द्वारा किए गए जनकल्याणकारी वादों और घोषणाओं की प्रगति का ठोस विवरण नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की है कि आगामी बजट में आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।
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