
UP Budget Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के ऐतिहासिक 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट पर सोमवार से चर्चा शुरू हो रही है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में शुरू हो रही यह बहस पूरे सप्ताह चलेगी और शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जवाब के साथ समाप्त होने की संभावना है।
विधानसभा में प्रस्तुत इस बजट को राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा पेश किए गए बजट पर पहले विधायक अपनी राय रखेंगे, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और अंत में मुख्यमंत्री सदन को संबोधित करेंगे। इसके बाद अनुदानों की मांगों पर मतदान होगा और बजट पारित कराया जाएगा।
इस बीच बजट सत्र के साथ ही प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 17 फरवरी को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि किसान अधिकार गांव संवाद अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे और सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे।
अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सनातन परंपरा और हिंदू आस्था का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने वाराणसी के घाटों और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
वहीं समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के नोटिस को बड़ा मुद्दा बनाया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नोटिस के नाम पर पार्टी समर्थकों और अल्पसंख्यकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को चुनाव आयोग और अदालत तक ले जाया जाएगा।
सपा नेताओं का दावा है कि करोड़ों मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। ऐसे में बजट चर्चा के साथ-साथ सदन के अंदर और बाहर सियासी टकराव तेज होने के आसार हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बजट सत्र केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले सत्ता और विपक्ष के बीच ताकत का बड़ा प्रदर्शन भी साबित होगा।
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