
Varanasi News: लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले वाराणसी में पुलिस ने कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई करते हुए जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर दिया। पुलिस ने नेताओं के घरों के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर उनकी आवाजाही पर रोक लगा दी, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
जिलाध्यक्ष और महिला जिलाध्यक्ष समेत कई नेता नजरबंद
पुलिस ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महिला जिलाध्यक्ष अनुराधा यादव सहित कई प्रमुख नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। प्रशासन का उद्देश्य इन नेताओं को लखनऊ पहुंचकर विधानसभा घेराव में शामिल होने से रोकना बताया जा रहा है।
हालांकि, प्रशासन की सख्ती के बावजूद कुछ नेता पुलिस की निगरानी से बचकर लखनऊ पहुंचने में सफल रहे। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे अपनी टीम के साथ देर रात लखनऊ पहुंच गए और वहां प्रदेश नेतृत्व से मुलाकात कर वाराणसी से कार्यकर्ताओं के पहुंचने की जानकारी दी।
अजय राय ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 50 जिलों से ऐसी शिकायतें मिली हैं, जहां कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लखनऊ आने से रोका गया है। अजय राय ने कहा कि इसके बावजूद कार्यकर्ता अलग-अलग माध्यमों से लखनऊ पहुंच रहे हैं।
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत विधानसभा कूच की तैयारी
कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत मंगलवार को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है। पार्टी नेताओं के अनुसार, सुबह 11 बजे प्रदेश मुख्यालय पर जुटने के बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में विधानसभा कूच करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 18 दिसंबर 2024 को कांग्रेस ने विधानसभा घेराव किया था, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
राजनीतिक माहौल गरम, टकराव के आसार
विधानसभा घेराव से पहले कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।
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