
Team India Super 8: ICC Men’s T20 World Cup 2026 के ग्रुप स्टेज में लगातार चार जीत दर्ज कर शानदार प्रदर्शन करने वाली भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम अब सुपर-8 की असली परीक्षा के लिए तैयार है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम ने शुरुआती दौर में दमदार खेल दिखाया, लेकिन आगे का रास्ता इतना आसान नहीं दिख रहा। सुपर-8 से पहले टीम संयोजन और प्रदर्शन को लेकर टीम मैनेजमेंट और कोच गौतम गंभीर की चिंताएं बढ़ गई हैं।
सबसे बड़ी परेशानी टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी को लेकर है। युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, जिनसे तेज शुरुआत की उम्मीद थी, ग्रुप स्टेज में पूरी तरह फ्लॉप रहे। वह तीन मैचों में तीन बार शून्य पर आउट हुए, जो किसी भी ओपनर के लिए बेहद निराशाजनक आंकड़ा है। उनके साथ ईशान किशन की जोड़ी भी अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी। अब जब सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत गेंदबाजी आक्रमण वाली टीमें सामने होंगी, तो पावरप्ले में मजबूत शुरुआत करना बेहद जरूरी होगा, अन्यथा पूरा दबाव मध्यक्रम पर आ सकता है। ऐसे में संजू सैमसन को मौका देने की मांग भी तेज हो सकती है।
मिडिल ऑर्डर का स्पिन के खिलाफ संघर्ष भी चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। तिलक वर्मा समेत कई बल्लेबाज अपेक्षाकृत कमजोर टीमों के स्पिनरों के खिलाफ भी सहज नहीं दिखे। कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी ऑफ-स्पिन के खिलाफ रन बनाने में मुश्किल हुई। सुपर-8 के मुकाबले चेन्नई और कोलकाता जैसे स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर खेले जाने हैं, जहां अगर बल्लेबाज स्ट्राइक रोटेट करने में नाकाम रहे तो टीम का स्कोर प्रभावित हो सकता है।
फील्डिंग भी टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। भारत इस टूर्नामेंट में सबसे खराब कैचिंग प्रतिशत वाली टीमों में शामिल है और चार मैचों में नौ कैच छोड़ चुका है। इस प्रदर्शन पर पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने नीदरलैंड्स के खिलाफ ज्यादा रन खर्च करने को चेतावनी बताते हुए कहा कि असली परीक्षा मजबूत टीमों के खिलाफ होगी। खासकर डेथ ओवर्स में गेंदबाजों की क्षमता अब कसौटी पर होगी।
सुपर-8 में भारत को 22 फरवरी को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका, 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे और 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज का सामना करना है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को कम से कम दो मुकाबले जीतने होंगे। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को जल्द ही अपनी कमजोरियों को दूर करना होगा, क्योंकि अब हर मुकाबला करो या मरो जैसा होगा।
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