Tax Free Income: भारत में ये 5 कमाई के स्रोत हैं पूरी तरह टैक्स फ्री, नहीं देना होगा एक भी रुपया टैक्स

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Tax Free Income: भारत में इन 5 इनकम पर नहीं लगता कोई टैक्स, जानिए कैसे बचाएं लाखों रुपये टैक्स बचाने के लिए जटिल प्लानिंग करना हमेशा जरूरी नहीं होता। भारत में कई ऐसे निवेश और आय के विकल्प मौजूद हैं, जहां मिलने वाला रिटर्न और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। सही विकल्प चुनकर आप बिना अतिरिक्त टैक्स दिए अपनी संपत्ति को तेजी से बढ़ा सकते हैं।

आइए जानते हैं देश के ऐसे 5 प्रमुख टैक्स-फ्री इनकम स्रोत, जो निवेशकों और बचत करने वालों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।

  1. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
    पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत की सबसे लोकप्रिय लंबी अवधि की बचत योजनाओं में से एक है। इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।

इस योजना में हर साल 1.5 लाख रुपये तक का निवेश आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए पात्र होता है। वर्तमान में PPF पर 7.1% की ब्याज दर मिल रही है, जो सुरक्षित और स्थिर रिटर्न देती है।

  1. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
    सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई एक खास सरकारी योजना है।
    इसमें निवेश करने पर 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिलती है। साथ ही, इस योजना में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। यह योजना देश की सबसे टैक्स-एफिशिएंट सेविंग स्कीम्स में शामिल है।
  2. कृषि आय (Agricultural Income)
    खेती, फसल बेचने या कृषि भूमि किराए पर देने से होने वाली आय पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
    हालांकि, यदि कृषि आय 5,000 रुपये से अधिक है और आपकी कुल आय बेसिक छूट सीमा से ज्यादा है, तो टैक्स दर तय करते समय इसे जोड़ा जा सकता है।
  3. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)
    कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) भी टैक्स-फ्री बचत का एक महत्वपूर्ण ऑप्शन है।
    अगर कोई कर्मचारी लगातार पांच साल या उससे ज्यादा नौकरी करता है, तो EPF से मिलने वाली पूरी राशि, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान और ब्याज शामिल है, पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। यह पुराने और नए दोनों टैक्स सिस्टम में लागू है।
  4. उपहार (Gifts)
    माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन जैसे करीबी रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट या विरासत पर कोई टैक्स नहीं लगता और इसकी कोई सीमा भी नहीं है।

    वहीं, गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट पर एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये तक की राशि टैक्स-फ्री होती है। इससे अधिक राशि टैक्स के दायरे में आ जाती है।

टैक्स-फ्री निवेश क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सही निवेश विकल्प चुनकर आप न केवल टैक्स बचा सकते हैं, बल्कि लंबी अवधि में मजबूत फाइनेंशियल सुरक्षा भी बना सकते हैं। PPF, SSY, EPF, कृषि आय और गिफ्ट जैसे विकल्प टैक्स-एफिशिएंट वेल्थ बनाने में मदद करते हैं।

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