
Chandauli News: सकलडीहा पीजी कॉलेज में शनिवार को आयोजित विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 कार्यक्रम विवादों में घिर गया है। जहां एक ओर कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया, वहीं दूसरी ओर प्रतिभागी छात्रों ने विजेताओं के चयन में गंभीर अनियमितता और भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
यह आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में किया गया था, जो प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्प से प्रेरित बताया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी सकलडीहा कुंदन राज कपूर रहे। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की समझ विकसित कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
हालांकि कार्यक्रम के समापन के बाद कुछ प्रतिभागियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। छात्र आशुतोष सिंह सहित अन्य छात्रों का आरोप है कि विजेता घोषित किए गए प्रतिभागी कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के परिचित थे। उनका कहना है कि कई योग्य छात्रों के बेहतर भाषण के बावजूद उन्हें केवल प्रशस्ति पत्र देकर संतुष्ट कर दिया गया। आक्रोशित छात्रों ने प्रशस्ति पत्र जलाकर निर्णय का विरोध किया है।
छात्रों का यह भी आरोप है कि जब इस संबंध में शिकायत कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में की गई, तो संबंधित संदेश को हटा दिया गया और शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। इससे छात्रों में आक्रोश व्याप्त है और वे पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पाण्डेय ने की। जिला युवा अधिकारी कपिलदेव राम ने बताया कि शीर्ष पांच प्रतिभागियों- अंजू यादव (प्रथम), सुहानी तिवारी (द्वितीय), नियामत अली (तृतीय), सौरभ सिंह (चतुर्थ) और अच्युत त्रिपाठी (पंचम) का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है, जहां वे विधानसभा में भाषण प्रस्तुत करेंगे।
फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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