LPG गैस की कमी की अफवाहों पर केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण, बोली– देश में गैस और ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

Spread the love & Share it

LPG Gas Crises : देश में एलपीजी सिलेंडर (LPG Gas) को लेकर बढ़ती मांग और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल देश में गैस की कोई कमी नहीं है। सरकार के अनुसार किसी भी गैस एजेंसी या डीलर के यहां सिलेंडर खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

Ministry of Petroleum and Natural Gas की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) Sujata Sharma ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और घबराहट में गैस की अनावश्यक बुकिंग करने से बचें। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और देश में किसी तरह की कमी नहीं है।

देश में कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार

दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास कच्चे तेल के मामले में करीब 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के उत्पादन के मामले में देश आत्मनिर्भर है और सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता या उससे अधिक पर काम कर रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि देशभर के करीब एक लाख पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की “ड्राई आउट” स्थिति की सूचना नहीं मिली है। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है।

एलपीजी आयात को लेकर बनी चिंता

हालांकि एलपीजी के मामले में एक चिंता यह जरूर है कि भारत का लगभग 90 प्रतिशत आयात Strait of Hormuz के रास्ते होता है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण इस मार्ग के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल गैस आपूर्ति पर कोई तात्कालिक संकट नहीं है।

सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में मौजूद करीब 25 हजार एलपीजी वितरकों में से किसी ने भी गैस खत्म होने की रिपोर्ट नहीं दी है। इसलिए लोगों को अफवाहों से दूर रहना चाहिए।

अफवाहों के बीच बढ़ी गैस बुकिंग

तेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक हाल के दिनों में एलपीजी बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर जहां प्रतिदिन औसतन 55.7 लाख सिलेंडर बुकिंग होती थी, वहीं यह संख्या अब बढ़कर 75.7 लाख तक पहुंच गई है। अधिकारियों के अनुसार यह वृद्धि पैनिक बुकिंग का संकेत हो सकती है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

वैकल्पिक ईंधन के लिए भी तैयारी

सरकार ने संभावित स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। राज्यों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका वितरण किया जा सके। इसके अलावा Coal India Limited को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

व्यावसायिक उपभोक्ताओं को PNG अपनाने की सलाह

सरकार ने बड़े शहरों के होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी अपील की है कि वे एलपीजी के बजाय पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेने पर विचार करें। इससे घरेलू एलपीजी पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकेगा।

फिलहाल देश में करीब 1.5 करोड़ घरेलू उपभोक्ता PNG से जुड़े हुए हैं, जबकि लगभग 60 लाख घरों के पास PNG नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती

इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ईंधन आपूर्ति की समीक्षा की है। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी और कालाबाजारी के मामलों में तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।

सरकार ने नागरिकों से एक बार फिर अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें। मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *