
Digvijaya Singh Rajya Sabha farewell: दिग्विजय सिंह ने बुधवार को राज्यसभा से सेवानिवृत्त होते हुए अपने विदाई भाषण में सद्भाव, संवाद और विचारधारा आधारित राजनीति पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि वह सक्रिय राजनीति से दूर नहीं हो रहे हैं।
“न मैं टायर्ड, न रिटायर्ड” – दिया सियासी संदेश
अपने संबोधन में दिग्विजय सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध पंक्ति दोहराते हुए कहा कि वह न थके हैं और न ही राजनीति से रिटायर हुए हैं। इससे उन्होंने भविष्य में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत दिए।
दिग्गज नेताओं से प्रेरणा का जिक्र
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, चन्द्रशेखर और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे मिली प्रेरणा ने उनके राजनीतिक जीवन को दिशा दी।
“विचारधारा से कभी समझौता नहीं”
कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी विचारधारा के अनुरूप काम किया और कभी उससे समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।
संसद में व्यवधानों पर जताई चिंता
दिग्विजय सिंह ने संसद में बढ़ते व्यवधानों पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत संवाद और चर्चा में है। उन्होंने कहा कि बिना बहस के बिल पास करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
पूर्व उपराष्ट्रपति का किया उल्लेख
उन्होंने हामिद अंसारी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिना पर्याप्त चर्चा के कोई विधेयक पारित नहीं होता था। उन्होंने देश में बढ़ती सांप्रदायिक कटुता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति और संविधान की भावना के विपरीत है।
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