
HDFC Bank Chairman Resigns: देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank को बड़ा झटका लगा है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में बैंक के कामकाज के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रक्रियाएं देखीं, जो उनके निजी मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में अधिक विस्तार से जानकारी नहीं दी।
इस्तीफे के बाद Reserve Bank of India (RBI) ने Keki Mistry को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। उनका कार्यकाल 19 मार्च से तीन महीने के लिए प्रभावी रहेगा। HDFC बैंक के साथ विलय से पहले, केकी मिस्त्री HDFC लिमिटेड के वाइस-चेयरमैन रह चुके हैं।
गौरतलब है कि RBI ने अप्रैल 2021 में अतनु चक्रवर्ती की नियुक्ति को तीन साल के लिए मंजूरी दी थी। मई 2024 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल 4 मई 2027 तक बढ़ाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से बैंक के कामकाज को लेकर बोर्ड स्तर पर मतभेद की स्थिति बनी हुई थी। अतनु चक्रवर्ती 1985 बैच के गुजरात कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं और अप्रैल 2020 में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले वे निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव भी रह चुके हैं।
बैंक के इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, HDFC बैंक के यूएस-लिस्टेड शेयरों में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मुंबई में बैंक के शेयर लगभग 5 प्रतिशत तक नीचे आ गए।
फिलहाल बैंक की ओर से इस्तीफे के कारणों पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
