IT Stocks में बड़ी गिरावट! इंफोसिस-TCS समेत दिग्गज शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर, जानिए इसके पीछे की वजह

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IT Stocks Crash

IT Stocks Crash: आईटी सेक्टर के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। फरवरी में आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट के बाद अब भी बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। 17 मार्च को कई प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए।

इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Infosys, TCS और HCL Technologies जैसे दिग्गजों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

17 मार्च को इंफोसिस का शेयर 1215 रुपये, टीसीएस 2360 रुपये और एचसीएल टेक 1298 रुपये से नीचे चला गया। वहीं कोफोर्ज और एमफैसिस जैसे शेयर भी अपने निचले स्तर पर पहुंच गए।

हालांकि 18 मार्च को इन शेयरों में करीब 4% तक की रिकवरी देखी गई, लेकिन 19 मार्च को बाजार खुलते ही फिर गिरावट का दौर शुरू हो गया। इंफोसिस, टीसीएस और Wipro जैसे शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे।

इस साल अब तक निफ्टी आईटी इंडेक्स 24% से ज्यादा टूट चुका है, जबकि प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर करीब 30% तक गिर गए हैं।

AI बना सबसे बड़ा कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, AI तकनीक के तेजी से विकास ने आईटी सेक्टर पर दबाव बढ़ाया है। ऑटोमेशन और नए टूल्स के आने से पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग को लेकर चिंता बढ़ी है।

ब्रोकरेज फर्म की राय

ब्रोकरेज फर्म CLSA ने प्रमुख आईटी कंपनियों पर “Buy” रेटिंग बरकरार रखी है। इसके तहत टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो और अन्य कंपनियों में निवेश की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर बन सकती है। हालांकि बाजार में अभी अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए निवेशकों को एक साथ बड़ा निवेश करने से बचने और धीरे-धीरे निवेश करने की सलाह दी गई है।

वैश्विक कारणों का भी असर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता, अमेरिकी बाजार में कमजोरी, महंगी ब्याज दरें और फंडिंग की कमी जैसे कारण भी आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहे हैं।

आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप से आता है, ऐसे में वहां की आर्थिक स्थिति का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ रहा है।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर के फंडामेंटल मजबूत हैं, लेकिन रिकवरी में समय लग सकता है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए बड़ी कंपनियों में चरणबद्ध तरीके से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

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