
Modi Trump Talk Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक बातचीत हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय हालात और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहन चर्चा की।
दोनों नेताओं ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम समुद्री रास्ता माना जाता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है।
ऊर्जा सप्लाई पर मंडराता संकट
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष के कारण दुनिया की करीब 20% तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
International Energy Agency ने इसे हाल के वर्षों में तेल आपूर्ति के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बताया है।
इसी बीच अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है, हालांकि ईरान ने किसी भी तरह की वार्ता से इनकार कर दिया है।
संसद में PM मोदी का बयान
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में मिडिल ईस्ट संकट पर बयान देते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता समुद्री मार्गों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखना है।
उन्होंने बताया कि भारत तेल और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है, ताकि देश की घरेलू जरूरतों पर कोई असर न पड़े।
साथ ही भारत, ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
युद्ध में बढ़ती जनहानि
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष को अब लगभग 25 दिन हो चुके हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक इस युद्ध में 2600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
सबसे ज्यादा प्रभावित Iran में करीब 1500 लोगों की जान गई है, जबकि Lebanon में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
इसके अलावा Israel और अमेरिका के सैनिकों के हताहत होने की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
ALSO READ – अब चमकेगा चंदौली! योगी सरकार की ‘नवयुग पालिका योजना’ से मिलेगा स्मार्ट सिटी जैसा दर्जा
