
Chandauli News: चंदौली के नियामताबाद ब्लॉक के एकौनी गांव में संचालित एक अनोखी गौशाला और बायोगैस प्लांट मॉडल ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। मंगलवार शाम जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और इस पहल को आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसान चंद्रप्रकाश सिंह लगभग 200 गायों के साथ गौशाला का संचालन कर रहे हैं। यहां उत्पादित दूध की बिक्री के साथ-साथ गोबर का उपयोग कर अत्याधुनिक बायोगैस प्लांट चलाया जा रहा है, जिससे 120 से अधिक घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति की जा रही है।
इस प्लांट की क्षमता करीब 350 क्यूबिक मीटर है और यह प्रतिदिन लगभग 3000 किलोग्राम गोबर से संचालित होता है। खास बात यह है कि ग्रामीणों को मात्र पांच रुपये मासिक शुल्क पर नियमित बायोगैस उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो रही है।
जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए किसान को नाबार्ड और उद्योग विभाग की योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी, ताकि इस मॉडल का विस्तार किया जा सके। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले की अन्य गौशालाओं में भी इसी तरह के बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाएं।
इस पहल से न सिर्फ ग्रामीणों को सस्ती ऊर्जा मिल रही है, बल्कि जैविक खाद के उपयोग से खेती की गुणवत्ता और मिट्टी की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है। साथ ही यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
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