ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद भारत ने जारी की नई एडवाइजरी, MEA ने किया स्वागत

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Iran-US-Ceasefire

Iran-US-Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम पर भारत सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने संघर्ष-विराम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी और वैश्विक व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।

भारत ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत उस युद्धविराम का स्वागत करता है, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हुए हैं। मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्रीय तनाव कम होगा और पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति होगी।

बातचीत और कूटनीति पर जोर

MEA ने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि किसी भी संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है। मंत्रालय के अनुसार, जारी तनाव ने क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित किया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जताई उम्मीद

भारत ने कहा कि युद्धविराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नौवहन की निर्बाध आवाजाही और वैश्विक वाणिज्य का प्रवाह जारी रहने की उम्मीद है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारतीय दूतावास की नई एडवाइजरी

युद्धविराम के बावजूद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित रूट्स के जरिए ईरान छोड़ने की सलाह दी है।

दूतावास की प्रमुख सलाह

दूतावास ने कहा है कि नागरिक किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बढ़ने से पहले दूतावास से संपर्क करें और केवल निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए गए हैं।

40 दिन बाद हुआ संघर्ष विराम

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच करीब 40 दिन से जारी तनाव के बाद दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी है, जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी।

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