जब आशा भोसले ने 3 घंटे लगातार खड़े रहकर रिकॉर्ड किया गाना, एक पल भी बैठने का नहीं मिलता था मौका, सुदीप बनर्जी ने किया खुलासा

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Asha Bhosle recording इस समय काफी चर्चा में है। 92 साल की उम्र में 3 घंटे खड़े रहकर गाना रिकॉर्ड करने वाली यह कहानी हर किसी को हैरान कर रही है।

सुदीप बनर्जी और आशा भोसले:

मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन से पूरा देश सदमे में है और उनके जाने से एक ऐसा खालीपन आ गया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। उनके खोने का दुख बहुत गहरा है, लेकिन गजल गायक सुदीप बनर्जी को इस बात का संतोष है कि उन्हें कुछ ही महीने पहले इस महान गायिका के साथ फिर से काम करने का मौका मिला। उनके साथ रिकॉर्डिंग के पलों को याद करते हुए सुदीप बनर्जी के पास उनकी तारीफ के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने आशा के साथ रिकॉर्डिंग के वक्त बिताए समय के बारे में खुलकर बात की और एक पुराना किस्सा शेयर किया। Asha Bhosle recording की यह कहानी उनके समर्पण को दिखाती है।

सुदीप बनर्जी को आशा भोसले संग काम करना क्यों था पसंद

हिन्दुस्तान टाइम्स इंटरव्यू में आशा भोसले के साथ बिताए पलों को शेयर करते हुए सुदीप बनर्जी ने कहा, ‘मैंने कुछ ही महीने पहले उनके साथ एक गाना रिकॉर्ड किया था। जब मैंने आशा जी के साथ काम करना शुरू किया तो सबसे बड़ी बात जो मैंने महसूस की, वह यह थी कि इतनी बड़ी गायिका होने के बावजूद संगीत निर्देशक के साथ उनका व्यवहार कमाल का था। ये महान कलाकार दूसरों को बहुत सम्मान देते हैं।’ आगे इस बारे में याद करते हुए बताया, ‘वह मुझे अपने घर बुलाती थी और मेरे साथ घंटों बैठकर गाने के बोल, धुन और उसकी छोटी-छोटी बारीकियों को समझती थी। ऐसा आजकल ज्यादातर गायक नहीं करते। आजकल के गायक गाना WhatsApp पर गाना मंगवा लेते हैं और कहते हैं कि वे बाद में उसे रिकॉर्ड कर लेंगे, लेकिन आशा जी पुराने जमाने की सोच वाली थी। वह पूरी टीम के साथ मिलकर गाने पर काम करना पसंद करती थी।’

आशा भोसले संग काम करने का कैसा था अनुभव

हालांकि, यह पहली बार नहीं था जब सुदीप ने आशा ताई के साथ काम किया था, लेकिन इस बार भी वह उन्हें देखकर हैरान रह गए। उन्होंने खुलासा किया, ‘मैंने उनके साथ पहली बार तब काम किया था जब वह 80 साल की उम्र की आस-पास थी, लेकिन अब जब हमने रिकॉर्डिंग की तो वह 92 साल की थी। मुझे लगा था कि शायद वह कमजोर हो गई होंगी या रिकॉर्डिंग के लिए नहीं आ पाएंगी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह स्टूडियो जरूर आएंगी। वह काम बहुत ईमानदारी से करती थी।’ उन्होंने यह भी कहा कि स्टूडियो में उन्हें काम करते देखना उनके लिए एक जादुई अनुभव था।

आशा भोसले ने 3 घंटे खड़े होकर रिकॉर्ड किया गाना

उन्होंने खुलकर बात करते हुए कहा, ‘हमेशा की तरह रिकॉर्डिंग से पहले हम उनके घर पर मिले और उन्होंने हमें खाना खिलाया। वह बहुत बढ़िया खाना बनाती थी और उन्हें गाने से ज्यादा खाना बनाने में मजा आता था। मैं बंगाली हूं, इसलिए वह मुझसे बांग्ला में बात करती थी।’ सुदीप ने कहा, ‘जब हम स्टूडियो गए तो इस उम्र में ज्यादातर लोग ठीक से चल भी नहीं पाते, लेकिन उस महिला ने बिना किसी सहारे के तीन घंटे तक लगातार खड़े होकर गाना रिकॉर्ड किया। इस उम्र में इतना एक्टिव हो पाना मुश्किल है, लेकिन उनकी बात अलग थी।Asha Bhosle recording से यह साफ होता है कि मेहनत और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी है।आज के समय में जहां अधिकतर कलाकार डिजिटल तरीके से काम करते हैं, वहीं आशा भोसले जैसे महान कलाकार हमें सिखाते हैं कि असली सफलता मेहनत और समर्पण से मिलती है। उनका अनुशासन और काम के प्रति लगन ही उन्हें सबसे अलग बनाता है।


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