
Chandauli News: चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत फत्तेपुर गांव मंगलवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा, जब एक जमीनी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। सैयदराजा थाने के हिस्ट्रीशीटर दरोगा यादव (38) की मौके पर गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य रमेश यादव (38) और अंशु यादव (19) गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना का आरोप गांव के ही सेवानिवृत्त फौजी मुकेश यादव पर लगा है, जो वारदात के बाद से फरार है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पंचायत में बदला मंजर, गूंज उठी गोलियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दरोगा यादव और आरोपी मुकेश यादव एक ही परिवार के पट्टीदार हैं। मंगलवार को दिन में दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे जमीनी विवाद को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत चल रही थी। बातों ही बातों में माहौल गरम हो गया और देखते ही देखते कहासुनी ने हाथापाई का रूप ले लिया।
इसी बीच आरोपी मुकेश यादव अपने घर से पिस्टल लेकर आया और पंचायत स्थल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से गांव में अफरातफरी मच गई। गोली लगने से दरोगा यादव, रमेश यादव और अंशु यादव लहूलुहान होकर गिर पड़े।
ट्रामा सेंटर में दरोगा की मौत, दो की हालत नाजुक
ग्रामीणों और परिजनों ने आनन-फानन में घायलों को पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने दरोगा यादव को मृत घोषित कर दिया। ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी प्रभारी डॉ. ममता ने बताया कि दो मरीजों को सीने और पेट में गोली लगी थी, जबकि एक युवक के हाथ में गोली लगी है। दोनों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
गांव में तनाव
वारदात के बाद आरोपी मुकेश यादव मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को असलहा के साथ गिरफ्तार कर लिया है। घटना को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) समेत कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। एसपी चंदौली आदित्य लांग्हे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित कर दी गई है।
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