
Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंच आसान बनाने के लिए चल रहे दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को लेकर गुरुवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। दुकानदारों की परेशानियों को मुद्दा बनाकर सपा नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने व्यापारियों के समर्थन में दालमंडी पहुंचकर धरना देने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें टैगोर टाउन कॉलोनी गेट पर ही रोक लिया। उनके साथ पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल और करीब 100 सपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
मौके पर पुलिस ने सुरक्षा घेरा बना लिया और रस्सियां बांधकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया। इस दौरान एडीसीपी नीतू कादयान, एसीपी नितिन तनेजा और इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा ने सांसद को समझाने की कोशिश की, मगर सपा नेता नहीं माने। पुलिस और नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा, यह प्रोजेक्ट दुकानदारों की रोजी-रोटी छीन रहा है। मुआवजा बेहद कम है और दुकानें जबरन तोड़ी जा रही हैं। सपा व्यापारियों के साथ है।
इसके बाद एडीएम सिटी मौके पर पहुंचे और सांसद से व्यापारियों की समस्याएं सुनीं, लेकिन प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। अंततः पुलिस ने सांसद समेत सभी 100 से अधिक सपाइयों को कैंपस अरेस्ट कर लिया। कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया और आगे बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी। उधर, प्रशासन का कहना है कि सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दिया जा रहा है और प्रोजेक्ट से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। ज्ञात हो कि दालमंडी में पिछले कुछ दिनों से ध्वस्तीकरण अभियान जारी है। अब तक करीब 187 भवनों और दुकानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से कई पर ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरु हो गई है। वहीं व्यापारी मुआवजे को लेकर नाराज हैं और क्षेत्र में बंद का ऐलान कर चुके हैं।
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