
Who is Chhoti Kumari: बिहार चुनाव 2025 की सबसे चर्चा में रहने वाली सीट रही छपरा, जहां हर किसी की निगाहें भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव पर थीं। लेकिन नतीजों ने ऐसा पलटवार किया कि पूरा प्रदेश चौंक गया। एक कम-ज्ञात, शांत स्वभाव की भाजपा नेता ‘छोटी कुमारी’ ने खेसारी को हराकर ऐसा इतिहास रच दिया, जिसकी चर्चा पूरे बिहार में हो रही है। अब हर कोई यही पूछ रहा है—आखिर कौन हैं छोटी कुमारी, जिनकी सादगी और ज़मीनी पहचान ने बड़े स्टारडम को मात दे दी?
स्टार बनाम लोकल लीडर: क्यों जीत गईं छोटी कुमारी?
- छोटी कुमारी पिछले कई सालों से क्षेत्र में सक्रिय थीं।
- गांव-गांव, बूथ-बूथ पर इनकी मजबूत पकड़ थी।
- महिला वोटरों में इनका खास प्रभाव माना जाता है।
- लोग इन्हें मिलनसार, उपलब्ध और साफ-सुथरी नेता के रूप में देखते हैं।
इसके विपरीत खेसारी की छवि एक बड़े सेलिब्रिटी की तो थी, लेकिन चुनावी ज़मीन पर उनकी पकड़ वैसी मजबूत नहीं दिखी जैसा अनुमान लगाया गया था। छपरा की जनता ने भावनाओं से ज्यादा भरोसे को चुना और यही खेसारी की हार का सबसे बड़ा कारण बना।
कौन हैं छोटी कुमारी?
भाजपा ने इस बार छपरा में बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ नेता डॉ. सी.एन. गुप्ता का टिकट काटकर 35 वर्षीय युवा चेहरा छोटी कुमारी को मैदान में उतारा।
- वे पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं।
- सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय रही हैं।
- उन्होंने 12वीं तक शिक्षा हासिल की है।
- उनकी घोषित संपत्ति लगभग ₹1.4 करोड़ है।
- यह उनका पहला विधानसभा चुनाव था—और पहली बार में ही बड़ी जीत हासिल की।
छोटी कुमारी की जीत से भाजपा का यह फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ और यह दिखा कि पार्टी के युवा चेहरों पर जनता भरोसा करने लगी है।
छपरा सीट क्यों बनी बिहार चुनाव की ‘Hot Seat’?
- खेसारी लाल की एंट्री ने इस सीट को हाई-प्रोफाइल बना दिया था।
- मीडिया कवरेज, सोशल मीडिया ट्रेंड, रैलियों की भीड़—सब कुछ इसे चर्चाओं में बनाए हुए था।
- लेकिन नतीजों ने एक बार फिर यह साबित किया कि- चुनाव मंच पर नहीं, जनता के दिल में जीता जाता है।
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