
Chandauli News: चंदौली के सकलडीहा तहसील परिसर में शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। सुबह से ही परिसर में लेखपालों की भीड़ जुटने लगी और नारेबाजी के बीच सरकार के खिलाफ विरोध तेज होता गया। लेखपालों ने कहा कि वर्षों पुरानी मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है, जिसके चलते मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
धरने का नेतृत्व कर रहे तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी ने कहा कि लेखपाल राज्य की राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर सरकार ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, पदोन्नति में समान अवसर, एसीपी विसंगति का समाधान, विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी, पदनाम परिवर्तन और स्थानांतरण नीति में सुधार शामिल हैं। मगर इन मुद्दों पर लगातार चुप्पी बरकरार है।
अवस्थी ने कहा कि लेखपाल न सिर्फ जमीन से जुड़े राजस्व कार्य संभालते हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, सर्वे, डिजिटलाइजेशन, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन और सामाजिक कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें संसाधन और सुविधाएं नहीं मिलतीं, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।
धरने में शामिल अन्य लेखपालों ने कहा कि उनकी मांगें बार-बार उठाने के बावजूद अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन मिलता है, जबकि ग्राउंड लेवल पर कोई बदलाव नहीं दिखाई देता। लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं करती, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे और इसका पूरा जिम्मा शासन-प्रशासन का होगा।
धरना स्थल पर विनय कुमार सिंह, बीरेंद्र कौशल, चंदन यादव, प्रेमानंद मौर्या, अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि उनकी मांगे जायज हैं और सरकार को जल्द से जल्द इन्हें पूरा करना चाहिए।
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