
Chandauli News: चंदौली के पचफेड़वा स्थित एसआरवीए स्कूल में शुक्रवार को पुलिस विभाग की ओर से साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डीजीपी साइबर, एडीजी और डीआईजी ने वर्चुअल माध्यम से छात्रों, शिक्षकों को ऑनलाइन फ्रॉच से बचने के टिप्स दे गए। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके लिए जनता की जागरूकता सबसे मजबूत हथियार है।
कार्यक्रम में मौजूद साइबर सेक्योरिटी एक्सपर्ट मृत्युंजय सिंह ने बताया गया कि बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी, जैसे ओटीपी, पासवर्ड, अकाउंट नंबर या कार्ड डिटेल किसी से भी शेयर न करें। अधिकारियों ने समझाया कि ऑनलाइन ठग अब केवल ओटीपी नहीं, बल्कि लिंक, फर्जी मैसेज और एपीके फाइल भेजकर भी लोगों के मोबाइल पर कंट्रोल कर लेते हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक या ऐप को क्लिक या डाउनलोड न करें।

नोएडा से ऑनलाइन जुड़े साइबर सेक्योरिटी एक्सपर्ट अमुत दुबे ने छात्रों को संभलकर सोशल मीडिया चलाने के टिप्स दिए, और समझाया कि कैसे छोटी सी लापरवाही से हम किसी थर्ड पर्सन को अपनी सारी पर्सनल जानकारी एक क्लिक में दे देते हैं। स्मार्टफोन पर किन ऐप्स को रखना चाहिए और किस ऐप से हमारे डाटा प्राइवेसी को खतरा है इसकी जानकी दी गई।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर अत्यधिक निजी जानकारी साझा करने के जोखिमों पर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कई फ्रॉड के मामलों में लोग खुद अनजाने में ऐसी डिटेल साझा कर देते हैं, जिनका इस्तेमाल अपराधी बाद में ठगी में करते हैं। उन्होंने नागरिकों से कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश पर तुरंत सतर्क हो जाएं और निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह जांच करें।

पुलिस अधिकारियों ने ‘गोल्डन आवर’ का महत्व भी बताया और कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी होने के पहले एक घंटे में की गई त्वरित शिकायत से पैसे वापस पाने या लेनदेन को फ्रीज कराने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। इसलिए किसी भी साइबर घटना को हल्के में न लें और तुरंत पुलिस, साइबर सेल या राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे, मृत्युंजय सिंह, श्यामजी सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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