
Aadhaar Linking with Birth Certificate: देश में डिजिटल पहचान को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) और आधार कार्ड (Aadhaar) को एक ही प्रक्रिया में आपस में लिंक किया जा सकेगा। इस नई सुविधा का उद्देश्य बच्चों के जन्म के समय उनकी पहचान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और भविष्य में सरकारी दस्तावेज़ों के लिए बार-बार आवेदन करने की जरूरत को समाप्त करना है।
पहले जहां जन्म प्रमाणपत्र को आधार से जोड़ने के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था, अब दोनों दस्तावेज़ अपने आप लिंक हो जाएंगे। इससे समय की बचत होगी और कागजी कार्यवाही में भी कमी आएगी।
जन्म के साथ लिंकिंग प्रक्रिया:
• बच्चे का जन्म होने के बाद अस्पताल में उसकी जानकारी CRS (Civil Registration System) पोर्टल पर दर्ज की जाती है।
• इसमें बच्चे का नाम, जन्मतिथि, समय, लिंग और माता-पिता के विवरण शामिल होते हैं।
• नए सिस्टम में इसी प्रक्रिया के दौरान आधार अपडेट शुरू हो जाता है।
• आवेदन के समय माता-पिता के आधार नंबर दर्ज किए जाते हैं।
• बच्चों का बायोमेट्रिक तुरंत नहीं लिया जाता, इसलिए अस्थायी आधार नंबर जारी किया जाता है, जिसे बाद में अपडेट किया जा सकता है।
• यदि जानकारी सही मिलती है, तो जन्म प्रमाणपत्र और आधार अपने आप लिंक हो जाते हैं।
पहले से मौजूद जन्म प्रमाणपत्र और आधार को लिंक करने का तरीका
- CRS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- General Public Sign Up पर अकाउंट बनाएं और लॉगिन करें।
- Birth Registration सेक्शन में जाकर Aadhaar Link विकल्प चुनें।
- जन्म पंजीकरण नंबर, आधार नंबर और मोबाइल OTP दर्ज करें।
रिकॉर्ड मैच होने पर दोनों दस्तावेज़ तुरंत लिंक हो जाते हैं। किसी गलती की स्थिति में पहले जन्म प्रमाणपत्र में सुधार करना आवश्यक है। कुछ राज्यों में यह सेवा UIDAI सर्विस सेंटर पर भी उपलब्ध है।
लिंकिंग के प्रमुख फायदे
• स्कूल एडमिशन आसान
• सरकारी योजनाओं का तुरंत लाभ
• बीमा और पासपोर्ट प्रक्रियाएं तेज
• डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सरल
• बार-बार डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं
सरकार का कहना है कि यह डिजिटल यूनिफाइड रिकॉर्ड भविष्य में माता-पिता और बच्चों की पहचान व सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करेगा।
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