
UP BJP President: उत्तर प्रदेश भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी जहां एक ओर जातीय समीकरण को साधने में जुटी है, वहीं अंदरखाने दो नए विकल्पों पर भी गंभीर विचार किया जा रहा है। चर्चा है कि भाजपा 20% ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए 2017 की तरह फिर किसी ब्राह्मण नेता को कमान सौंप सकती है, या फिर पहली बार किसी प्रभावशाली महिला नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है।
2024 लोकसभा चुनाव में सपा के पीडीए फॉर्मूले ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी। इसी के बाद भाजपा ने 98 संगठनात्मक जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए, जिनमें 45 सवर्ण, 32 ओबीसी और 7 एससी वर्ग से हैं—जो संगठन के जातीय संतुलन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। अब प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा भी जल्द होने की संभावना है।
दावेदारी में ओबीसी वर्ग से मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और सांसद बाबूराम निषाद जबकि दलित वर्ग से रामशंकर कठेरिया और विद्यासागर सोनकर के नाम प्रमुख हैं। लेकिन पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा सपा की जातीय राजनीति की पिच पर खेलने के बजाय अपने मजबूत सामाजिक आधार और “मोदी मैजिक” पर भरोसा कर सकती है।
सूत्र बताते हैं कि ब्राह्मणों की नाराज़गी की चर्चा को देखते हुए पार्टी फिर इस वर्ग से नेता चुन सकती है। वहीं पहली बार महिला अध्यक्ष की संभावना भी प्रबल है, साध्वी निरंजन ज्योति का नाम भी गंभीर दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है, जो हिंदुत्व और पिछड़ा वर्ग दोनों की प्रतिनिधि मानी जाती हैं।
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