
Sanjay Nishad controversial statement: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बयान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बलिया में एक जनसभा के दौरान मंत्री ने कहा था कि “बलिया के लोग अंग्रेजों के दलाल थे और आज भी यहां दलाली का सिस्टम है।” इस बयान ने पूरे जिले में नाराज़गी बढ़ा दी है और कई सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।
इसी बीच करणी सेना के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ‘सुखन’ ने बेहद विवादित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति मंत्री संजय निषाद की जुबान काटकर लाएगा, उसे 5 लाख 51 हजार रुपये इनाम दिया जाएगा। उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कमलेश सिंह ने वीडियो बयान में कहा कि “बलिया वीरों की भूमि है। मंगल पांडेय, चितू पांडेय और चंद्रशेखर सिंह जैसे महान सपूतों का अपमान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक मंत्री कैसे बलिया को दलाल कह सकता है? यह बलिया के सम्मान पर हमला है। उन्होंने कहा कि यदि वह स्वयं मंत्री से मिल गए तो “राख लगाकर उनकी जुबान खींच लेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि “संजय निषाद खुद टिकट बेचकर दलाली करते हैं और अब बलिया की पवित्र धरती पर आकर पूरे जिले को दलाल कह रहे हैं। पहले वह बताएं कि क्या उनके अनुसार मंगल पांडेय और अन्य वीर भी दलाल थे?
संजय निषाद के बयान के बाद कई जगह प्रदर्शन हुए हैं। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि मंत्री अपने शब्द वापस लें और सार्वजनिक माफी मांगें। वहीं, मंत्री संजय निषाद की तरफ से अभी तक इस विवाद पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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