मनरेगा खत्म? मोदी सरकार का नया रोजगार बिल, विपक्ष बोला- गरीबों पर वार

Spread the love & Share it

VB-G-RAM-G Bill Controversy

VB-G-RAM-G Bill Controversy: केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा कानून के स्थान पर एक नया विधेयक सदन में पेश कर दिया है, जिसका नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G-RAM-G) रखा गया है। सरकार इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा सुधार बता रही है, जबकि विपक्ष इस बिल को लेकर हमलावर हो गया है।

क्या है VB-G-RAM-G बिल?

नए बिल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे परिवार, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें साल में 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। यह मनरेगा के 100 दिन के रोजगार प्रावधान से अधिक है। सरकार का दावा है कि योजना का फोकस केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल सुरक्षा, सड़क, पेयजल और आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार के अनुसार, जल संरक्षण, सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर बाजार तक पहुंच मिलेगी, जिससे मजदूरों के साथ-साथ किसानों को भी दीर्घकालिक लाभ होगा।

खर्च के बंटवारे में बड़ा बदलाव

मनरेगा में जहां मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, वहीं VB-G-RAM-G में प्रस्ताव है कि कुल खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकारें वहन करेंगी। हालांकि, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।

विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?

कांग्रेस सहित विपक्ष का आरोप है कि यह योजना केंद्र सरकार के नियंत्रण को बढ़ाने का प्रयास है। उनका कहना है कि राज्यों पर खर्च का बोझ बढ़ेगा, जबकि राजनीतिक श्रेय केंद्र सरकार लेगी। इसके साथ ही, विपक्ष इस बिल को महात्मा गांधी के नाम को हटाने से जोड़कर देख रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे गांधीजी के आदर्शों का अपमान बताते हुए कहा है कि सरकार पहले ही बेरोजगारी से युवाओं का भविष्य कमजोर कर चुकी है और अब ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित आजीविका पर भी खतरा मंडरा रहा है।

राजनीतिक टकराव के केंद्र में नया बिल

सरकार VB-G-RAM-G को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जोड़कर पेश कर रही है, वहीं विपक्ष इसे ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को कमजोर करने और केंद्रीकरण की दिशा में कदम बता रहा है। ऐसे में यह विधेयक आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर बड़े राजनीतिक टकराव का विषय बना रहेगा।

ALSO READ – चांदी के सिक्कों का झांसा देकर लाखों की ठगी! चंदौली में शातिर गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *