
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पड़ोसी देश में बिगड़ते सुरक्षा हालात पर गंभीर चिंता जताते हुए अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 26 दिसंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध समुदायों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण हमले लगातार बढ़ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने मैमनसिंह में उन्मादी भीड़ द्वारा 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।
रणधीर जायसवाल ने स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हत्या, आगजनी, जबरन कब्जे और हिंसा की करीब 2900 घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने साफ कहा कि इन घटनाओं को केवल मीडिया रिपोर्ट या राजनीतिक हिंसा बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश के लोगों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और पड़ोसी देश में शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थक है।
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की 17 वर्षों बाद बांग्लादेश वापसी पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का समर्थन करता है और इस घटनाक्रम को उसी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
इस बीच, बांग्लादेश में हिंसा की एक और घटना सामने आई है। 24 दिसंबर की रात राजबाड़ी जिले में 30 वर्षीय हिंदू युवक अमृत मंडल उर्फ सम्राट की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इससे पहले कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की हत्या ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया था।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
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