ब्रह्मांड का रहस्य गहराया: न तारा, न रोशनी… फिर भी गैलेक्सी! हबल ने खोजी ‘भूतिया’ Cloud-9

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What is Cloud-9

What is Cloud-9: नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड की गहराइयों में एक ऐसी खोज की है, जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। वैज्ञानिकों ने ‘Cloud-9’ नाम के एक अनोखे खगोलीय पिंड की पुष्टि की है, जिसे एक ‘ताराहीन’ या ‘फेल गैलेक्सी’ बताया जा रहा है। खास बात यह है कि इस संरचना में एक भी तारा मौजूद नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, Cloud-9 केवल गैस और डार्क मैटर से बना एक घना और स्थिर गोला है। इसे ब्रह्मांड की शुरुआती गैलेक्सी बनने की प्रक्रिया का अधूरा अवशेष माना जा रहा है। मिलानो-बिकोका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता अलेजांद्रो बेनिटेज़-लाम्बे ने इसे ‘फेल गैलेक्सी’ नाम दिया है, यानी ऐसी गैलेक्सी जो सितारों को जन्म देने में असफल रही।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एक तरह का ‘प्राइमॉर्डियल बिल्डिंग ब्लॉक’ है, जिसमें गैस तो मौजूद थी, लेकिन सितारों के निर्माण के लिए आवश्यक परिस्थितियां नहीं बन सकीं। इसी वजह से यह संरचना करोड़ों वर्षों से अंतरिक्ष में बिना किसी चमक के मौजूद है।

Cloud-9 को डार्क मैटर के अध्ययन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। ESA के वैज्ञानिक एंड्रयू फॉक्स के मुताबिक, यह खोज ‘डार्क यूनिवर्स’ को समझने की एक नई खिड़की खोलती है। अनुमान है कि इस पिंड में मौजूद डार्क मैटर का द्रव्यमान सूर्य से करीब 5 अरब गुना अधिक है, जबकि गैस का द्रव्यमान लगभग 10 लाख सूर्यों के बराबर है। डार्क मैटर की भारी गुरुत्वाकर्षण शक्ति ही इस गैस बादल को बिखरने से बचाए हुए है।

इस ऑब्जेक्ट को वैज्ञानिकों ने ‘RELHIC’ (Reionization-Limited H I Cloud) की श्रेणी में रखा है। पहले यह एक धुंधली ड्वार्फ गैलेक्सी जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन हबल टेलीस्कोप के ‘एडवांस्ड कैमरा फॉर सर्वे’ ने स्पष्ट कर दिया कि इसमें एक भी तारा मौजूद नहीं है। शोध के प्रमुख लेखक गगनदीप आनंद के अनुसार, सितारों की अनुपस्थिति ही इस खोज की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

Cloud-9 का आकार भी इसे खास बनाता है। यह लगभग 4,900 प्रकाश वर्ष व्यास का एक कॉम्पैक्ट और लगभग गोलाकार पिंड है, जो किसी फुटबॉल की तरह अंतरिक्ष में तैरता प्रतीत होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारे गैलेक्टिक पड़ोस में ऐसे कई और ‘भूतिया’ पिंड छिपे हो सकते हैं, जो अब तक नजरों से ओझल रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चमकते सितारों के आधार पर ब्रह्मांड को समझना अधूरा है। गैस और डार्क मैटर से बनी Cloud-9 जैसी संरचनाएं हमें ब्रह्मांड के उन रहस्यों तक पहुंचने में मदद करेंगी, जो अब तक विज्ञान की पकड़ से बाहर थे।

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