
Chandauli News: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने चंदौली में बनने वाले अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड जिला न्यायालय परिसर के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जब वे अन्य राज्यों के दौरे पर जाएंगे, तो वहां की सरकारों और हाईकोर्ट को यूपी के इस मॉडल से सीख लेने की सलाह देंगे।
शनिवार को चंदौली पहुंचे CJI सूर्यकांत ने चंदौली समेत छह जिलों में बनने वाले इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया। करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को उन्होंने न्यायिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया।
CJI ने कहा कि संविधान में जिला न्यायपालिका को केंद्रीय स्थान दिया गया है। यदि जिला स्तर की न्यायपालिका मजबूत होगी, तो आम नागरिक के लिए ‘एक्सेस टू जस्टिस’ का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि इन इंटीग्रेटेड परिसरों से लोगों को अपने ही जिले में सुलभ, त्वरित और प्रभावी न्याय मिल सकेगा।
महिला अधिवक्ताओं और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि कोर्ट परिसरों में महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग और सुरक्षित सुविधाएं विकसित की जाएं। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि हर इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी होना चाहिए, ताकि न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और फरियादियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
CJI की सोच से मिली परियोजना को दिशा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक पूर्व संवाद के दौरान CJI सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया था कि न्याय व्यवस्था आम नागरिक तक सरलता से पहुंचे। उसी सोच से प्रेरित होकर इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की परिकल्पना को साकार किया गया। उन्होंने इसे ‘ईज ऑफ लिविंग’ की तर्ज पर न्यायिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया।
एक ही छत के नीचे सभी न्यायिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिसरों में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, कैंटीन, पार्किंग और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे अधिवक्ताओं को जर्जर चैंबरों में काम करने की मजबूरी नहीं रहेगी और उन्हें सम्मानजनक कार्यस्थल मिलेगा।
छह जिलों से शुरुआत, आगे होगा विस्तार
सीएम योगी ने बताया कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया में इस योजना की शुरुआत की गई है। आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इसी तरह के इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वाराणसी में भी जल्द ऐसा ही आधुनिक कोर्ट परिसर बनाया जाएगा।
न्यायिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय
CJI सूर्यकांत ने कहा कि ये इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स आने वाले कम से कम 50 वर्षों तक न्यायिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होंगे। उन्होंने यूपी सरकार और इलाहाबाद हाईकोर्ट को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि यह मॉडल पूरे देश के लिए राष्ट्रीय बेंचमार्क बनेगा।
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