
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं और सरकार ने जवाबदेही तय करने के बजाय पीड़ित पक्ष पर ही सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिलाधिकारी को हटाने से वोटर लिस्ट की गड़बड़ियां तो सुधर सकती हैं, लेकिन उस पुलिस अधिकारी को हटाया जाना चाहिए था, जिसकी लापरवाही के कारण एक युवक की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घटना के बाद भी पीड़ित के खिलाफ बयानबाजी में जुटी रही।
डायल 100 व्यवस्था पर सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी सरकार ने डायल 100 जैसी अहम आपात सेवा को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान यह व्यवस्था स्पष्ट एसओपी और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जानी जाती थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे कमजोर कर दिया, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
बीजेपी पर तीखा हमला
बीजेपी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि “बीजेपी का चरित्र बहुत खराब है। गोमती जितनी गंदी है, उतनी ही बीजेपी गंदी है।” उनके इस बयान से सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई।
शंकराचार्य विवाद और सनातन पर टिप्पणी
प्रयागराज और शंकराचार्य विवाद पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें गर्व है कि शंकराचार्य अपने स्टैंड पर डटे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तथाकथित “नकली सनातनी” बेनकाब हो चुके हैं और दावा किया कि उनका शंकराचार्य से सीधा संवाद है।
जनगणना में कोविड वैक्सीन से मौतों का जिक्र करने की मांग
अखिलेश यादव ने मांग की कि आगामी जनगणना में यह भी दर्ज किया जाए कि कोविड वैक्सीन के बाद कितनी मौतें हुईं। उन्होंने कहा कि कैंसर और हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी पर सरकार को जवाब देना चाहिए और बदनामी के डर से सच्चाई छिपानी नहीं चाहिए।
केजीएमयू और प्रशासन पर बयान
केजीएमयू परिसर में मजारों को हटाने के फैसले पर उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो पूरी इमारत को भी गिरा देना चाहिए। वहीं, मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह किसी मंत्री या विभाग को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दे रहे हैं।
पीडीए सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप
भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) सरकार बनाकर न्याय आधारित शासन देने का संकल्प दोहराया। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए वोट कटवाने और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।
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