कोडीन कफ सिरप: कैटरिंग, होटल और प्रॉपर्टी में खपाई गई अवैध कमाई, शुभम को कैटरिंग कारोबारी ने दिया था 50 लाख

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Varanasi News

Varanasi News: कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े सरगना शुभम जायसवाल की काली कमाई के नेटवर्क की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि शहर के एक कैटरिंग कारोबारी ने शुभम जायसवाल को करीब 50 लाख रुपये कर्ज के रूप में दिए थे। यह रकम बैंक लोन के जरिए जुटाई गई थी, जिसे अधिक ब्याज दर पर शुभम को दिया गया।

ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कैटरिंग कारोबारी की फर्म से जुड़े बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है। हाल ही में कारोबारी को ईडी कार्यालय बुलाकर बयान भी दर्ज कराया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे लेनदेन में ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलने की कोशिश की गई।

कैटरिंग, होटल और प्रॉपर्टी में खपाई गई अवैध कमाई

ईडी अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से शुभम जायसवाल कैटरिंग कारोबारी के संपर्क में था। इस दौरान नकद लेनदेन भी किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि छावनी क्षेत्र के इस कारोबारी ने हाल ही में मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर इलाके में कीमती प्रॉपर्टी खरीदी, जहां बेस किचन बनाने की योजना है।

इसके अलावा चौकाघाट पानी टंकी के पास स्थित एक होटल को भी किराये पर लेकर संचालन किया जा रहा है। ईडी को शक है कि इन सभी निवेशों में कफ सिरप के अवैध कारोबार से अर्जित धन लगाया गया।

चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका भी संदिग्ध

मामले में कैटरिंग कारोबारी के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की भूमिका भी जांच के घेरे में है। ईडी के अनुसार, सीए ने नकदी और बैंकिंग लेनदेन के जरिए कमीशन एजेंट की तरह काम किया। उसके और उसके परिजनों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले दो वर्षों में सीए ने इसी कमीशन की रकम से महमूरगंज इलाके में एक होटल खरीदा। कफ सिरप के अवैध कारोबार से अर्जित ब्लैक मनी को कैटरिंग, होटल, रियल एस्टेट और सोने-चांदी जैसे क्षेत्रों में खपाया गया।

सोना, चांदी और डायमंड में भारी निवेश

ईडी की जांच में पता चला है कि कैटरिंग कारोबारी ने बैंक लोन दिलाने के साथ-साथ सोने, चांदी और डायमंड में भी बड़ा निवेश किया है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह पर अचल संपत्तियों में भी भारी धन लगाया गया। ईडी ने आभूषण, गाड़ियों और प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले हैं।

बताया जा रहा है कि 75 हजार रुपये के इनामी शुभम जायसवाल ने बदले में कैटरिंग कारोबारी को वाराणसी और जौनपुर में कई बड़े पार्टी ऑर्डर दिलवाए थे।

दो साल से सिर्फ कागजों में बिकता रहा कफ सिरप

कफ सिरप प्रकरण में भदोही पुलिस ने वांछित आरोपी शैलेंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। शैलेंद्र चौक थाना क्षेत्र के भिखारीदास लेन, भारतेंदु भवन के पास का निवासी है। उसने अपनी फर्म के जरिए कागजों पर ही कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री दिखाई।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में सप्तसागर दवा मंडी के एक व्यापारी ने शैलेंद्र को दिल्ली की एक फर्म से जोड़ा था। उसे बताया गया कि वास्तविक सप्लाई नहीं करनी है, सिर्फ इनवर्ड-आउटवर्ड कागजों में दिखाना है। फर्जी ई-वे बिल बनाकर जीएसटी फाइल की जाती थी।

एक बोतल के बिल पर मिलता था एक रुपये का लालच

जांच में सामने आया है कि एक कोडीन कफ सिरप की बोतल का फर्जी बिल बनाने पर शैलेंद्र को एक रुपये प्रति बोतल का भुगतान किया जाता था। इसी लालच में उसने कई फर्मों के नाम पर कागजों में कफ सिरप की खरीद और सप्लाई दिखाना शुरू कर दिया।

इस मामले में चेतगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले ओमप्रकाश कसेरा और जगतगंज निवासी अमन कुमार के खिलाफ औराई थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस और ईडी की संयुक्त जांच जारी है।

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