
AI-Impact Summit 2026: भारत 16 से 20 फरवरी 2026 तक होने जा रहे प्रतिष्ठित AI-Impact Summit की मेजबानी करने जा रहा है। यह सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग, नीति निर्माण और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इस समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिससे भारत की तकनीकी और कूटनीतिक भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, इस सम्मेलन के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया गया है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। सरकार की ओर से इस विषय पर फिलहाल कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
भारत सरकार के अनुसार, इस समिट की थीम ‘People, Planet, Progress’ रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास मानव हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाए, साथ ही यह पर्यावरण के अनुकूल हो और वैश्विक प्रगति को गति देने में सहायक बने। सूत्रों के मुताबिक, सहभागी देशों का चयन रणनीतिक और नीतिगत प्राथमिकताओं के आधार पर किया गया है और भारत उन देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जो सुरक्षित और जिम्मेदार AI विकास के समर्थक हैं।
इस वैश्विक सम्मेलन में स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास जैसे अहम क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर विशेष चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही नीति निर्माण, निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अंतरराष्ट्रीय मानकों को लेकर भी व्यापक मंथन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट भविष्य की तकनीकी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के विशेष निमंत्रण पर कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख इस सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी की भी संभावना है। करीब 45 से अधिक देशों के मंत्री स्तर के प्रतिनिधिमंडल भी इस समिट में भाग लेंगे, जिससे इसकी वैश्विक अहमियत और बढ़ जाती है।
सम्मेलन के दौरान मंत्रिस्तरीय सत्र, विशेषज्ञ पैनल चर्चा, स्टार्टअप शोकेस और द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। भारत ने स्पष्ट किया है कि AI-Impact Summit केवल तकनीक के प्रदर्शन का मंच नहीं होगा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर AI शासन, सहयोग और नीतिगत ढांचे को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। इस समिट के जरिए भारत खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक जिम्मेदार और अग्रणी वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ALSO READ – पवन सिंह की शादी टूटी या बचेगी? पत्नी की जिद और अक्षरा के बयान से मचा बवाल