
Varanasi News: वाराणसी में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त नवदीप रिणवा ने बताया कि पूरे प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह सूची भविष्य के चुनावों के लिए स्थायी और आधिकारिक दस्तावेज के रूप में उपयोग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत दावे और आपत्तियों की सुनवाई प्रक्रिया फिलहाल जारी है। इस क्रम में उन्होंने कबीर चौराहा स्थित कंपोजिट विद्यालय में चल रही सुनवाई का निरीक्षण किया और वहां पारदर्शिता, समयबद्धता और मतदाताओं को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की। आयोग का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाना है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रदेशभर से आए करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजरों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। इसमें फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों, समस्याओं और सुधार के सुझावों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 के माध्यम से दावा और आपत्ति दाखिल करने की प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।
4500 वोटों की जांच में सिर्फ 8 फर्जी, मंत्री के आरोपों की हुई पुष्टि
रविंद्र जायसवाल द्वारा दिए गए फर्जी वोटों के आरोपों पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब तक 4500 वोटों का सत्यापन किया गया है, जिसमें केवल 8 वोट डुप्लीकेट पाए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त नवदीप रिणवा ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर गलत तरीके से नाम दर्ज कराया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह विश्वसनीय साबित हो सके।
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