
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), जिसे लोग श्रद्धा से महामना की बगिया कहते हैं, अपनी शैक्षणिक गरिमा और शांत वातावरण के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन अब यही प्रतिष्ठित परिसर लगातार आपराधिक घटनाओं के कारण सवालों के घेरे में है। शनिवार रात बिरला छात्रावास के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिरला हॉस्टल के बाहर छात्र पर चलीं गोलियां
जानकारी के अनुसार, बीए के छात्र रोशन मिश्रा पर बिरला हॉस्टल के सामने सरेआम चार राउंड फायरिंग की गई। इस मामले में पीयूष, ऋषभ और तापस जैसे नाम सामने आए हैं। आरोप यह भी है कि विश्वविद्यालय से निष्कासित किए जा चुके बाहरी तत्व कैंपस में प्रवेश कर शांति भंग कर रहे हैं। इस घटना के बाद छात्रों में भय का माहौल है और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा को लेकर भरोसा कमजोर हुआ है।
पहले भी हो चुकी हैं कई गंभीर घटनाएं
यह घटना कोई पहली नहीं है। पिछले कुछ समय में विश्वविद्यालय परिसर में कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं।
नवंबर 2023 में IIT-BHU की एक छात्रा के साथ कैंपस के भीतर बंदूक की नोक पर छेड़खानी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके अलावा, बिरला, लाल बहादुर शास्त्री और धन्वंतरि छात्रावासों के बीच पत्थरबाजी और झड़प की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। कुछ समय पहले एक असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ मारपीट की घटना ने भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
इन सभी घटनाओं में एक बात समान रूप से सामने आती है—सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी। अक्सर घटनाओं के बाद CCTV कैमरे खराब पाए जाते हैं या सुरक्षा गार्ड मौके पर मौजूद नहीं होते। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विश्वविद्यालय की सुरक्षा पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो बाहरी तत्व हथियार लेकर कैंपस में कैसे प्रवेश कर रहे हैं।
छात्रों में डर, प्रशासन से जवाब की उम्मीद
देशभर से हजारों छात्र अपने बेहतर भविष्य के लिए BHU आते हैं, लेकिन वर्तमान हालात में छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। हालिया फायरिंग के बाद छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय परिसर को अपराध मुक्त बनाया जाए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि परिसर का शैक्षणिक माहौल फिर से सुरक्षित और शांतिपूर्ण बन सके।
BHU की विरासत पर मंडराता खतरा
BHU केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि देश की शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। लेकिन लगातार हो रही हिंसक घटनाएं इस विरासत की गरिमा को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस प्रतिष्ठित संस्थान की सुरक्षा और सम्मान को बचाने के लिए ठोस कदम उठाएंगी।
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