
Supreme Court Ban NCERT Book: कक्षा-8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में ज्यूडिशियरी पर विवादित सामग्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने किताब के वितरण और प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए सभी प्रतियों को तुरंत जब्त करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सुनवाई के दौरान इसे ज्यूडिशियरी के खिलाफ “गहरी साजिश” करार दिया और कहा कि यह छात्रों के मन में न्यायपालिका के प्रति गलत धारणा पैदा करने का प्रयास है।
NCERT ने मांगी माफी, लेकिन कोर्ट संतुष्ट नहीं
सुनवाई से पहले NCERT ने बयान जारी कर विवादित टेक्स्ट के लिए माफी मांगी और इसे गलती बताया। संस्था ने यह भी कहा कि किताब का वितरण तुरंत रोक दिया गया है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने माफी को रिकॉर्ड पर लेते हुए स्पष्ट कहा कि “सिर्फ माफी से काम नहीं चलेगा, नुकसान पहले ही हो चुका है।”
सुप्रीम कोर्ट के बड़े आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कई सख्त निर्देश जारी किए-
• किताब की छपाई और डिजिटल वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध
• सभी हार्ड और सॉफ्ट कॉपी तुरंत जब्त करने का आदेश
• केंद्र और राज्यों के शिक्षा सचिवों को किताब हटाने के निर्देश
• NCERT डायरेक्टर और स्कूल प्रिंसिपल्स की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय
• दो सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
CJI की तीखी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई गंभीर टिप्पणियां कीं
• यह बच्चों के मन में गलत और पक्षपातपूर्ण सोच पैदा कर सकता है
• किताब में न्यायपालिका के सकारात्मक योगदान का कोई उल्लेख नहीं
• यह न्यायपालिका की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होता है
• अगर आरोप साबित हुए तो क्रिमिनल कंटेम्प्ट की कार्रवाई हो सकती है
कोर्ट ने यह भी कहा कि आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संस्थानों को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
NCERT डायरेक्टर को शो-कॉज नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने NCERT के निदेशक दिनेश प्रकाश सकलानी और स्कूल शिक्षा सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना या अन्य कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।
विवादित किताब और चैप्टर
• किताब का नाम: Exploring Society: India and Beyond
• चैप्टर: The Role of the Judiciary in Our Society
• विवाद का कारण: ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार का उल्लेख
सरकार की ओर से बताया गया कि 2.38 लाख किताबें छपी थीं, जिनमें से अधिकांश वापस ली जा रही हैं और चैप्टर को हटाकर दोबारा लिखा जाएगा।
आगे क्या होगा
अब सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई में NCERT और शिक्षा विभाग से जवाब मांगेगा। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन करना होगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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