Varanasi: वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (GRP) और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सोना तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से करीब 2.215 किलोग्राम विदेशी सोने के 19 बिस्कुट बरामद किए गए हैं। बरामद सोने की अनुमानित कीमत करीब 3.54 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कार्रवाई के बाद बरामद सोने को आगे की जांच के लिए Directorate of Revenue Intelligence (DRI) को सौंप दिया गया है।
डिब्रूगढ़ राजधानी से पहुंचे थे वाराणसी
पुलिस टीम स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान ट्रेन संख्या 20503 Dibrugarh Rajdhani Express प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंची। ट्रेन से उतरने के बाद दो युवक जब स्टेशन से बाहर निकलने लगे तो पुलिस को देखकर घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे।
संदेह होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया और पूछताछ के लिए थाने ले गई।
महाराष्ट्र के रहने वाले हैं आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम बालासो पुत्र अशोक जाधव (36) निवासी सतारा और तेजस बालासाहेब पंवार (23) निवासी पुणे बताया। दोनों Maharashtra के रहने वाले हैं।
तलाशी के दौरान बालासो की पैंट की जेब से 10 और तेजस की जेब से 9 सोने के बिस्कुट बरामद हुए। आरोपियों ने सोने के इन बिस्कुटों को पैंट की फेंट काटकर अंदर छिपा रखा था।
बांग्लादेश से तस्करी कर लाया गया था सोना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद सोना विदेशी है, जिसे Bangladesh से तस्करी कर भारत लाया गया था। यह सोना उन्हें Cooch Behar में उनके कथित मालिक श्यामबाबू ने दिया था और इसे दिल्ली पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन के जरिए सोने की खेप को Delhi तक पहुंचाने जा रहे थे।
तीन महीनों में 40 बार तस्करी का शक
मामले की जानकारी देते हुए N. Kolanchi, आईजी रेलवे प्रयागराज जोन ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी खुद को छात्र और पेंटर बताते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले तीन महीनों में ये दोनों करीब 35 से 40 बार सोने की तस्करी कर चुके हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कस्टम और आयकर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
DRI को सौंपी गई बरामदगी
पूरी कार्रवाई Government Railway Police और Railway Protection Force की संयुक्त टीम ने की। बरामद सोने को आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए डीआरआई की सिगरा, वाराणसी इकाई को सौंप दिया गया है।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में जीआरपी कैंट वाराणसी के प्रभारी निरीक्षक रजोल नागर, आरपीएफ पोस्ट वाराणसी के प्रभारी निरीक्षक संदीप यादव, निरीक्षक देवचंद्र यादव, उपनिरीक्षक राजबहादुर और उपनिरीक्षक सोहनपाल वर्मा सहित जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीम शामिल रही।
पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच में जुट गई है और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।