
PFBR Nuclear Reactor India: भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) को सफलतापूर्वक ‘क्रिटिकलिटी’ स्टेज तक पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस स्टेज पर पहुंचने के बाद रिएक्टर में स्वतः परमाणु विखंडन (Nuclear Fission) की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे बिना बाहरी हस्तक्षेप के ऊर्जा उत्पादन संभव हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के परमाणु कार्यक्रम में “निर्णायक मोड़” बताया है।
क्या है PFBR और क्यों है खास?
PFBR यानी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एक अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित रिएक्टर है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ ऊर्जा ही नहीं बनाता, बल्कि नया परमाणु ईंधन भी तैयार करता है।
सामान्य रिएक्टर जहां यूरेनियम को जलाकर ऊर्जा पैदा करते हैं, वहीं PFBR प्लूटोनियम-239 जैसे नए ईंधन का उत्पादन करता है। यानी जितना ईंधन खर्च होता है, उससे अधिक नया ईंधन तैयार होता है।
भारत के 3-स्टेज परमाणु कार्यक्रम में बड़ी छलांग
भारत का परमाणु कार्यक्रम तीन चरणों में विकसित किया गया है, जिसे परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा ने डिजाइन किया था।
पहला चरण: PHWR (Pressurized Heavy Water Reactors)
दूसरा चरण: फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR)
तीसरा चरण: थोरियम आधारित रिएक्टर, PFBR का सफल संचालन दूसरे चरण की शुरुआत को मजबूती देता है।
अब नहीं रहेगी विदेशी ईंधन पर निर्भरता
अब तक भारत को परमाणु ईंधन के लिए रूस, कजाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन PFBR तकनीक के जरिए भारत खुद अपना ईंधन तैयार कर सकेगा। यह उपलब्धि न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक परमाणु शक्ति के रूप में भी स्थापित करेगी।
मिशन की ओर बढ़ता भारत
PFBR ही वह कड़ी है, जो भारत को तीसरे चरण यानी थोरियम आधारित रिएक्टर तक पहुंचाएगी। भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े थोरियम भंडार में से एक है, जिसे भविष्य में ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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