संसद रत्न पुरस्कार 2026 की घोषणा, जगदंबिका पाल से अनुराग ठाकुर तक इन नेताओं को मिला सम्मान

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Sansad Ratna Awards 2026: संसद में सक्रिय भागीदारी, जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और कानून निर्माण की प्रक्रिया में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सांसदों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार 2026’ के लिए 12 सांसदों और संसद की 4 प्रमुख समितियों का चयन किया गया है। इस सम्मान की घोषणा Prime Point Foundation की ओर से की गई।

इस बार पुरस्कार पाने वालों की सूची में कई वरिष्ठ और चर्चित नेताओं के नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि चयनित नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री जैसे अनुभवी राजनेता भी शामिल हैं।

इन सांसदों को मिलेगा संसद रत्न सम्मान

व्यक्तिगत श्रेणी में उत्कृष्ट संसदीय कार्य के लिए जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे, पी. पी. चौधरी और श्रीकांत एकनाथ शिंदे को चुना गया है। इन नेताओं को संसद में सक्रिय भागीदारी, बहसों में योगदान और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा संसद के बजट सत्र तक सदन में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले अन्य सांसदों को भी सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें प्रवीण पटेल, विद्युत बरन महतो, लुंबाराम चौधरी, हेमंत विष्णु सवारा, स्मिता उदय वाघ, नरेश गणपत म्हास्के, मेधा विश्राम कुलकर्णी और नरहरि अमीन शामिल हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं को भी मिला स्थान

पुरस्कार सूची में शामिल कई नेता अपने लंबे राजनीतिक अनुभव के लिए भी जाने जाते हैं। चरणजीत सिंह चन्नी और जगदंबिका पाल पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि नरहरि अमीन गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस सूची में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ सक्रिय युवा सांसदों को भी शामिल किया गया है, जिससे संसदीय कार्य में बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहन मिलेगा।

इन संसदीय समितियों को भी मिलेगा सम्मान

संसद रत्न पुरस्कार सिर्फ सांसदों तक सीमित नहीं है। इस बार संसद की चार महत्वपूर्ण समितियों को भी उनके प्रभावी कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा।

सम्मानित होने वाली समितियों में शामिल हैं—

  • Agriculture Committee — अध्यक्ष: चरणजीत सिंह चन्नी
  • Finance Committee — अध्यक्ष: भर्तृहरि महताब
  • Rural Development and Panchayati Raj Committee — अध्यक्ष: सप्तगिरि शंकर उलाका
  • Coal and Mines Committee — अध्यक्ष: अनुराग ठाकुर

इन समितियों को संसद में नीतिगत चर्चाओं और महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावी कार्य के लिए चुना गया है।

क्या है संसद रत्न पुरस्कार?

‘संसद रत्न पुरस्कार’ की शुरुआत वर्ष 2010 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के सुझाव पर की गई थी। इस सम्मान का उद्देश्य संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांसदों को पहचान देना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है।

यह पुरस्कार उन सांसदों को दिया जाता है जो संसद में नियमित उपस्थिति दर्ज कराते हैं, बहसों में हिस्सा लेते हैं, जनहित से जुड़े मुद्दे उठाते हैं और निजी विधेयकों के जरिए नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

क्यों माना जाता है यह सम्मान खास?

संसद रत्न पुरस्कार को संसदीय कार्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। यह न केवल सांसदों के प्रदर्शन को मान्यता देता है, बल्कि संसद में सकारात्मक और जवाबदेह राजनीति को भी बढ़ावा देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे पुरस्कार लोकतांत्रिक संस्थाओं में सक्रियता और पारदर्शिता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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