
Chandauli News: चंदौली के विकास भवन परिसर के पास शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, जनसमस्याओं की अनदेखी और विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप लगाए।
धरने के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि जिले में कई महत्वपूर्ण योजनाएं भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ रही हैं, जिसका खामियाजा आम जनता, किसान और मजदूर भुगत रहे हैं।
जल जीवन मिशन में मजदूरों के शोषण का आरोप
धरना स्थल से संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पानी टंकियों के संचालन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जल निगम द्वारा ठेका प्रथा के माध्यम से नियुक्त ऑपरेटर-कम-चौकीदारों से 24 घंटे काम लिया जा रहा है, जबकि उन्हें केवल पांच हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था श्रम कानूनों और न्यूनतम मजदूरी नियमों के खिलाफ है तथा सरकार को तत्काल इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
नौ साल बाद भी पूरी नहीं हुई बिजली परियोजना
मनोज सिंह ने अमड़ा स्थित 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र को 220 केवी में अपग्रेड करने की परियोजना में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को शुरू हुए करीब नौ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसका लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पाया है।
उनका आरोप था कि प्रशासनिक उदासीनता और योजनाओं के प्रति गंभीरता की कमी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गंगा कटान से प्रभावित गांवों की अनदेखी का आरोप
सपा नेताओं ने गंगा नदी के किनारे बसे गुरैनी, महुजी और नरौली गांवों में हो रहे कटान का मुद्दा भी उठाया। मनोज सिंह ने कहा कि गंगा कटान से ग्रामीणों की जमीन और आजीविका लगातार प्रभावित हो रही है, लेकिन सरकार ने अब तक स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी परियोजना शुरू नहीं की है।
उन्होंने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों को बचाने के लिए तत्काल ठोस योजना लागू की जाए।
धान की नर्सरी के समय नहरों में नहीं पहुंचा पानी
धरने के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। मनोज सिंह ने कहा कि धान की नर्सरी और रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई संकट के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही भीषण गर्मी में जल स्रोत सूखने से पशु-पक्षियों के लिए भी संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
स्मार्ट मीटर और गढ़ई नदी खुदाई में भ्रष्टाचार का आरोप
सपा नेताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका आरोप था कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के माध्यम से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
वहीं पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने गढ़ई नदी की खुदाई में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि नदी से निकाली गई मिट्टी का उपयोग नियमानुसार करने के बजाय उसे निजी निर्माण कार्यों के लिए बेचा जा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है।
बड़ी संख्या में जुटे सपा नेता और कार्यकर्ता
धरना-प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका, रमेश यादव, डब्लू सिंह, अंजनी सिंह, संतोष उपाध्याय, चंद्रशेखर यादव, मुसाफिर चौहान, लड्डू खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।