
Chandauli News: सदर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब ग्राम सभा जेवरियाबाद के सैकड़ों ग्रामीणों ने कोटे की दुकान के चयन में धांधली का आरोप लगाते हुए अधिकारियों के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चुनाव प्रक्रिया को निरस्त कर राशन कार्ड के आधार पर दोबारा चयन कराने की मांग उठाई।
संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम राजेश कुमार, एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी, तहसीलदार चंद्रगुप्त सागर और सीओ सदर देवेंद्र कुमार मौजूद थे। इसी दौरान जेवरियाबाद गांव के बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने कोटेदार चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कोटे के चुनाव में बाहरी लोगों को शामिल करने का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा जेवरियाबाद में 19 जून को कोटे की दुकान के लिए चुनाव निर्धारित था। चुनाव में विनीत कुमार और रविंद्र सिंह ने अपनी दावेदारी पेश की थी।
आरोप है कि वर्तमान में क्षेत्र को दो ग्राम सभाओं—जेवरियाबाद और भुवालपुर—में विभाजित किया गया है, लेकिन दोनों गांवों के कई लोगों के आधार कार्ड पर पता जेवरियाबाद दर्ज है। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए विपक्षी प्रत्याशी रविंद्र सिंह ने भुवालपुर के लोगों को अपने पक्ष में शामिल कर मतदान और गिनती प्रक्रिया को प्रभावित किया।
सैयदराजा के लोगों को भी शामिल करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों के आधार कार्ड में संशोधन कर उन्हें भी चुनाव प्रक्रिया में शामिल किया गया। उनका दावा है कि सैयदराजा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों को भी कथित रूप से चुनाव में शामिल कर पक्ष विशेष को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव में प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
राशन कार्ड के आधार पर दोबारा चुनाव कराने की मांग
ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष मांग रखी कि कोटे की दुकान के चयन की वर्तमान प्रक्रिया को रद्द कर राशन कार्ड और वास्तविक पात्र मतदाताओं के आधार पर पुनः चुनाव कराया जाए। उनका कहना था कि पारदर्शी प्रक्रिया के बिना निष्पक्ष चयन संभव नहीं है।
एडीएम ने जांच समिति गठित करने का दिया आश्वासन
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद एडीएम राजेश कुमार ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण
विरोध प्रदर्शन के दौरान नायब तहसीलदार अंजली वर्मा, कोतवाल बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें रमेश कुमार, सोनी देवी, सीमा देवी, जया कुमारी, माया, पूनम, विकास, सुरेश, रविंद्र प्रकाश, नंद कुमार, शिववचन, तारा, प्रियसी, पूजा, आरती, राधा, ममता, सरिता, श्वेता, खुशी, किरण, मुन्नी, कविता, प्रियंका, संतोष, सुधार, दीपक, संदीप, मेवालाल और चंद्रदेव समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।