चंदौली में स्टार्टअप की नई उड़ान: ITI रेवसा में ‘तेजस’ वर्कशॉप, BHU बनाएगा स्थायी इन्क्यूबेशन सेंटर

Spread the love & Share it

Chandauli News

Chandauli News: युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में चंदौली में बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार की स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत शनिवार को राजकीय आईटीआई रेवसा परिसर में आयोजित एक दिवसीय ‘तेजस’ स्टार्टअप वर्कशॉप में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि बीएचयू का अटल इन्क्यूबेशन सेंटर अब आईटीआई रेवसा परिसर में अपना स्थायी सेटेलाइट सेंटर स्थापित करेगा, जिससे जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी।

इन्वेस्ट यूपी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से हुआ आयोजन

कार्यशाला का आयोजन उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), इन्वेस्ट यूपी, स्टार्टअप इन यूपी, अटल इन्क्यूबेशन सेंटर बीएचयू और जिला प्रशासन चंदौली के संयुक्त समन्वय से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

a

जिला सेवायोजन अधिकारी एवं कार्यशाला के नोडल अधिकारी गौरव सिंह ने ‘तेजस’ वर्कशॉप की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका मकसद जिले के युवाओं को स्टार्टअप, इनोवेशन और सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।

सीडीओ आर. जगत साई बोले— नवाचार ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई ने कहा कि चंदौली जैसे जिलों में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नए विचारों पर काम करने और उद्यमिता को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ऐसे सभी प्रयासों को पूरा सहयोग देगा, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में मदद करेंगे।

BHU करेगा स्थायी इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना

कार्यशाला के दौरान अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, बीएचयू के डॉ. पी.वी. राजीव और डॉ. नंदलाल ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि राजकीय आईटीआई रेवसा परिसर में जल्द ही स्थायी सेटेलाइट इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से जिले के स्टार्टअप, नवाचार करने वाले युवा और तकनीकी छात्रों को मेंटरशिप, प्रशिक्षण, बिजनेस मॉडल विकसित करने और निवेशकों तक पहुंच बनाने जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

युवाओं को मिली स्टार्टअप नीति और बाजार से जुड़ने की जानकारी

‘स्टार्टअप इन यूपी’ की ओर से आए प्रशांत रंजन ने उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति और युवाओं को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं DPIIT के विशेषज्ञ ऋत्विक और रवि ने बताया कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए बाजार तक पहुंच और सही नेटवर्किंग बेहद जरूरी है।

उन्होंने प्रतिभागियों को अपने उत्पादों और सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए।

स्टार्टअप प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में जिले के स्टार्टअप्स, नवाचार करने वाले युवाओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।

उपायुक्त उद्योग ने भी युवाओं से ई-मार्केटप्लेस और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग कर अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की अपील की।

200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

कार्यशाला में 200 से अधिक उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों, तकनीकी छात्रों, नवाचारियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर जिला सेवायोजन अधिकारी गाजीपुर, राजकीय आईटीआई रेवसा के प्रधानाचार्य, चंदौली पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य, कौशल विकास मिशन के अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव, शशिकांत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

जिले में स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘तेजस’ जैसी कार्यशालाएं ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को स्टार्टअप की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बीएचयू के स्थायी इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना से चंदौली में नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिलने की उम्मीद है।


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *