Chandauli News: जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब शराब पीने वाले ड्राइवरों को स्कूली वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित स्कूल प्रबंधन भी जिम्मेदार माना जाएगा।
यह निर्णय अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्कूली वाहनों के ड्राइवरों का पूरा डाटा पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा, जिससे उनकी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे ड्राइवरों की नियमित जांच करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कटों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी अवैध कटों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए, क्योंकि ये सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहे हैं।
सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर देते हुए प्रशासन ने ब्लैक स्पॉट और रेड स्पॉट चिन्हित कर वहां सुधार कार्य, चेतावनी बोर्ड और संकेतक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके अलावा, सड़क दुर्घटना में घायल या मृत व्यक्तियों के परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश भी दिए गए। ‘राहवीर योजना’ के तहत मिलने वाली सहायता को भी प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का 7 दिनों के भीतर निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही हिट एंड रन मामलों के त्वरित निस्तारण, स्पीड ब्रेकर के पुनः निरीक्षण और उन पर रंग-रोगन कराने के निर्देश भी जारी किए गए।
नियमित चेकिंग अभियान चलाकर बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
