
Chandauli News: चंदौली में सोमवार को महिला सशक्तीकरण और महिला आरक्षण कानून को लेकर एक बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यालय स्थित एक निजी नर्सिंग कॉलेज में हुए इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों पर खुलकर हमला बोला।
प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में हुआ सम्मेलन
इस सम्मेलन का नेतृत्व संजय गोड़ ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिला आरक्षण कानून महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इसका विरोध करने वाले दलों की मंशा पर सवाल उठते हैं।
आधी आबादी विरोधियों को माफ नहीं करेगी
राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने अपने भाषण में कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और उन्हें हासिल करके ही रहेंगी।
विपक्ष पर राजनीतिक कारणों से विरोध का आरोप
एक अन्य राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण लागू करने के पक्ष में है, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इसमें बाधाएं उत्पन्न हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरोध केवल राजनीतिक स्वार्थ के कारण किया जा रहा है, जबकि यह कानून महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने वाला है।
सम्मेलन के बाद निकला ‘जन आक्रोश मार्च’
कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने जन आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान विपक्षी दलों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई और महिला आरक्षण के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। मार्च के दौरान विरोध स्वरूप कुछ विपक्षी नेताओं के पुतले भी जलाए गए, जिससे कार्यक्रम का राजनीतिक संदेश और स्पष्ट हो गया।
नेताओं की मौजूदगी से बढ़ा राजनीतिक संदेश
इस मौके पर कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने महिला सशक्तीकरण और अधिकारों को लेकर एकजुटता का संदेश दिया। नेताओं ने दावा किया कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को आने वाले समय में जनता जवाब देगी।
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