NEET घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! बिहार से पकड़ा गया हाईटेक सॉल्वर गैंग, 60 लाख में होती थी मेडिकल सीट की डील

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NEET UG 2026 Cancelled

NEET UG 2026 Cancelled: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले ने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को झटका दिया है। केंद्र सरकार की मंजूरी और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसकी नई तारीख जल्द घोषित होने की संभावना है।

इसी बीच बिहार में सक्रिय एक हाईटेक सॉल्वर गैंग का खुलासा होने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के तार कई राज्यों से जोड़कर देख रही हैं।

बिहार में सक्रिय था बड़ा एग्जाम रैकेट

बिहार के नालंदा जिले में पुलिस ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि यह गैंग NEET परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से 50 से 60 लाख रुपये तक वसूलने की तैयारी में था।

पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर विम्स मेडिकल कॉलेज के MBBS छात्र अवधेश कुमार द्वारा किया जा रहा था। मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

वाहन चेकिंग के दौरान खुला पूरा खेल

पूरा मामला तब सामने आया जब 3 मई की रात पावापुरी थाना पुलिस नियमित वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो-N और एक ब्रेजा कार को रोककर तलाशी ली।

जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध दस्तावेज, एडमिट कार्ड और पहचान पत्र मिले। इसके बाद तीन लोगों को मौके से हिरासत में लिया गया। पूछताछ और मोबाइल जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए।

मोबाइल चैट और लेन-देन से मिले अहम सुराग

मुख्य आरोपी अवधेश कुमार के मोबाइल फोन से पुलिस को कई संदिग्ध चैट, पैसों के लेन-देन और कथित अभ्यर्थियों से जुड़े संपर्कों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरपुर, जमुई और औरंगाबाद समेत कई जिलों में छापेमारी शुरू की।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने की कोशिश कर रहा था।

60 लाख रुपये तक में होती थी ‘सेटिंग’

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह असली उम्मीदवार की जगह प्रशिक्षित सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए पहले डेढ़ से दो लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये तक तय होती थी।

जांच में उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह की अहम भूमिका सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के फाइनेंशियल लिंक और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

डॉक्टर का बेटा भी गिरफ्तार

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में सीतामढ़ी के डॉक्टर नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज भी शामिल है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर निवासी मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

दोबारा होगी NEET परीक्षा

NTA ने स्पष्ट किया है कि NEET UG 2026 परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। दोबारा परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को नया आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी और अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।

हालांकि परीक्षा रद्द होने और सॉल्वर गैंग के खुलासे के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ है। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।


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